Friday, August 21, 2026
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काली पट्टी बांधकर ग्राम सचिवों ने किया विरोध: ऑनलाइन हाजिरी और गैर-विभागीय कार्य थोपने पर रोष


वाराणसी (चिरईगाँव ब्लॉक): चिरईगाँव ग्राम पंचायत अधिकारी एवं ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के नेतृत्व में सोमवार को ग्राम सचिवों ने अपनी ज्वलंत मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन के समर्थन में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान, सदर ब्लॉक पर एकत्र हुए सचिवों ने अपनी बाह पर काली पट्टी बांधकर जमकर नारेबाजी की, जो शासन द्वारा थोपी जा रही ऑनलाइन हाजिरी प्रणाली और अत्यधिक गैर-विभागीय कार्यभार के खिलाफ उनके गहरे रोष को दर्शाता है।
📱 व्यक्तिगत मोबाइल से हाजिरी लगाने का कड़ा विरोध
वक्ताओं ने विरोध का मुख्य कारण बताया कि शासन ने ग्राम पंचायत सचिवों को बिना कोई अतिरिक्त संसाधन (जैसे सरकारी स्मार्टफोन या भत्ता) उपलब्ध कराए, उनके व्यक्तिगत मोबाइल फोन एवं सिम का उपयोग करके फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम (FRBAS) के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का पत्र जारी किया है।
इस मौके पर विरोध प्रदर्शन में शामिल ग्राम सचिव शैलेंद्र सोनकर और कमलेश गौड़ ने कहा कि यह उपस्थिति प्रणाली हमारे क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के बिल्कुल विपरीत है। हमें फील्ड में रहना होता है, जहां नेटवर्क की समस्या रहती है। व्यक्तिगत फोन से हाजिरी थोपना न केवल संसाधनों का अभाव है, बल्कि हमारी निजता का भी हनन है। सचिवों में इस कारण रोष एवं भय व्याप्त है।
📋 गैर-विभागीय कार्यों के लक्ष्य का अत्यधिक दबाव
विरोध प्रदर्शन में शामिल आशुतोष और चांदनी सिंह ने उल्लेख किया कि पूरे प्रदेश में क्षेत्रीय ग्राम सचिव अपना मूल कार्य नियमित ढंग से नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनके ऊपर गैर-विभागीय कार्यों का अत्यधिक दबाव है।
ग्राम सचिव अजीत ने समस्याओं की लंबी सूची गिनाते हुए बताया कि हमें फार्मर रजिस्ट्री, एग्रो स्टैक सर्वे, गौशाला प्रबंधन, आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न पेंशनों का सत्यापन, शिक्षा विभाग के ऑपरेशन कायाकल्प एवं बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा का प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य, पराली प्रबंधन आदि जैसे कार्यों को पूरा करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं।
कमलेश सिंह, अभिषेक सिंह और दुर्गेश सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि शासन-प्रशासन के अधिकारी इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अत्यधिक दबाव बना रहे हैं, जिससे कर्मचारी अस्वस्थ हो रहे हैं और कार्यक्षेत्र में भागदौड़ के चलते विभिन्न दुर्घटनाओं के भी शिकार हो रहे हैं।
🗓️ आंदोलन की आगे की रणनीति
सचिवों की समस्याओं और पीड़ा को देखते हुए केंद्रीय नेतृत्व ने संघर्ष की निम्नलिखित रूपरेखा तैयार की है:
* 4 दिसंबर तक: विकास खंडों में काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
* 5 दिसंबर: पूरे प्रदेश के समस्त 826 विकास खंडों में प्रदेश के सभी सचिव एक दिवसीय सत्याग्रह आंदोलन करेंगे और मुख्यमंत्री को समस्याओं से संबंधित ज्ञापन प्रेषित करेंगे। इसी दिन से वे शासकीय व्हाट्सएप ग्रुपों से अपने को विरत कर लेंगे।
* 10 दिसंबर से: प्रदेश के सभी सचिव अपने निजी वाहनों से सरकारी कार्य नहीं करेंगे।
* 15 दिसंबर: सभी सचिव अपने डोंगल को विकासखंडों पर समर्पित/जमा कर देंगे।
समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा समस्या के समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास नहीं किया गया, तो संपूर्ण कार्य बहिष्कार एवं अनवरत धरना प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

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