Friday, August 21, 2026
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काशी शब्द शिल्पम तथा राजकीय जिला पुस्तकालय वाराणासी के तत्वावधान में आयोजित हुई दिव्य काव्य गोष्ठी व मनाया गया डॉ०शिव प्रकाश साहित्य अवतरण दिवस…

काशी शब्द शिल्पम तथा राजकीय जिला पुस्तकालय वाराणासी के तत्वावधान में आयोजित हुई दिव्य काव्य गोष्ठी व मनाया गया डॉ०शिव प्रकाश साहित्य अवतरण दिवस…

 

ध्यातव्य हो कि दिनाँक 24 जुलाई 2026 को बहुचर्चित युवा साहित्यकार डॉ०शिव प्रकाश साहित्य के जन्मदिवस पर साहित्य सेवा समिति ट्रस्ट के काव्य प्रकल्प काशी शब्द शिल्पम व राजकीय जिला पुस्तकालय वाराणसी द्वारा उत्तर प्रदेश से विभिन्न जिलों के घनरों कवियों व सहत्याकारों की पावन उपस्थिति में पुस्तकालय में हुआ भव्य काव्य गोष्ठी का आयोजन।

जैसा कि वाराणसी को कला व संस्कृति की नगरी कहा जाता है,प्रयागराज की संस्था साहित्य सेवा समिति ट्रस्ट के महामंत्री अवनीश कुमार राय व राजकीय जिला पुस्तकालय वाराणसी से आ० कंचन सिंह परिहार की संस्तुति से काव्य प्रकल्प काशी शब्द शिल्पम की उसी शहर में पले बढ़े 8 वर्ष की उमर से साहित्यिक सेवा देते रहे गोल्डेन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड व सैकड़ों राष्ट्रीय स्तर के साहित्यिक पुरस्कारों से सम्मानित व घनरों पुस्तकों के रचयिता पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादक व दर्जनों साझा संकलन में सहभागी शिव प्रकाश साहित्य के जन्मदिन पर दिनाँक 24 जुलाई 2026 को एक काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया जी गोष्ठी के कार्यकारिणी में पधाधिकायों में अध्यक्ष कवि नागेश शाण्डिल्य, उपाध्यक्ष कवयित्री मधुलिका राय, संरक्षक कंचन सिंह परिहार, सचिव रविशंकर तिवारी, मीडिया प्रभारी कालीशंकर उपाध्याय एवं व्यवस्थापक के रूप में काशी शब्द शिल्पम के संस्थापक स्वयं डॉ०शिव प्रकाश साहित्य को रखा गया।

गोष्ठी के इस कार्यक्रम की अध्यक्षता फ़िल्म निर्माता व वरिष्ठ साहित्यकार डॉ० संतोष सिंह ने किया तथा मुख्य अतिथि जौनपुर से प्रबुद्ध विख्यात कवयित्री व ग़ज़लकारा डॉ० विभा तिवारी जी रहीं। जहाँ विशिष्ट अतिथि प्रभास झाँ जी रहे वहीं संचालक की भूमिका को बड़े प्रभावी ढंग से निभाते हुए काशी काव्य संगम के संस्थापक अख़लाक़ खान भारतीय जी रहे। सर्वप्रथम कार्यक्रम का शुभारम्भ वाकदेवी सरस्वती को पर माल्यार्पण व दीप अर्पण व मंचासीन अतिथियों व अध्यक्ष जी के अभिनन्दन से हुआ। कहीं सभी साहित्यकारों व कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से कवि शिव प्रकाश साहित्य को जन्मदिन की ढेरों शुभकामनाएं दीं तो वहीं दर्जनों कवि कवयित्रियों ने उपहार व अंगवस्त्र देकर साहित्य का अभिवादन किया। शहर के विभिन्न संस्थाओं जैसे काशी काव्य संगम से आलोक सिंह बेताब, नादान परिन्दे से डॉ० सुभाष चन्द्र,चन्द्रा साहित्य परिषद से राम नरेश नरेश ,साहित्य की डोर-पूरब की ओर से गोपाल केशरी, पं हरिराम द्विवेदी भोजपुरी साहित्य शोध संस्थान से अरुण द्विवेदी,साहित्य सूत्र प्रकाशन से रितेश यादव ने शिव प्रकाश को अंगवस्त्र व सम्मान पत्र से सम्मानित तथा इसी क्रम में मधुलिका राय मधु,प्रकाश मिर्जापुरी,अख़लाक़ भारतीय,बुद्धदेव तिवारी, पूनम गुप्ता पूर्वी, साधना शाही,रामनरेश पाल, नन्दलाल राजभर,रितेश यादव,मोहम्मद आमिर,अजीत सिंह,डॉ०संतोष सिंह,डॉ०विभा तिवारी,मृत्युञ्ज त्रिपाठी मलंग, जयप्रकाश धानापुरी नागेश शाण्डिल्य,झरना मुखर्जी ,अनु मिश्रा,करुणा सिंह,डॉ नसीमा निशा,माधुरी मिश्रा, आनन्द कृष्ण मासूम,संतोष कुमार प्रीत,डॉ०विनोद वर्मा,संजय गुप्ता,गणेश सिंह प्रहरी,संजय शर्मा,प्रोफेसर शरद श्रीवास्तव आदि उपस्थित सभी कवियों व साहित्यकारों ने डॉ०शिव प्रकाश को बुके,अंगवस्त्र मिष्ठान देकर सम्मानित किया व अपनी कविताओं की प्रस्तुति से समारोह में सावन से पूर्व ही एक काव्य के सावन का निर्माण कर दिया तथा शिव प्रकाश जी के उज्जवल भविष्य की मंगलकामनाएँ दीं। ततपश्चात केक काटा गया तथा डॉ० संतोष सिंह के अध्यक्षीय उद्बोधन तथा काशी शब्द शिल्पम के अध्यक्ष नागेश शाण्डिल्य जी के धन्यवाद ज्ञापन द्वारा कंचन सिंह परिहार द्वारा इस गोष्ठी को अगले आयोजन तक के लिए स्थगित किया गया।

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