Friday, August 21, 2026
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कोटेदार भुखमरी की कगार पर, चार महीने से नहीं मिला कमीशन गिरीश तिवारी ने दी वितरण ठप करने की चेतावनी

चौबेपुर/वाराणसी।

प्रदेशभर के कोटेदार इन दिनों भारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उचित दर की दुकानों से मुफ्त गेहूं और चावल वितरण का कार्य पूरी निष्ठा से करने के बावजूद, कोटेदारों को बीते चार महीनों – फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई – का कमीशन अब तक नहीं मिला है। इससे कोटेदारों में भारी रोष है और कई लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच चुके हैं।

आल इंडिया फेयर प्राइज शॉप डीलर्स फेडरेशन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष गिरीश तिवारी ने बताया कि सरकार लगातार कोटेदारों से वितरण कार्य करवा रही है और कई बार दबाव बनाकर भी यह कार्य कराया जा रहा है, लेकिन कमीशन भुगतान को लेकर कोई भी गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोटेदार लगातार शासन-प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन सिर्फ यही जवाब मिलता है कि “बजट नहीं है”।

गिरीश तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को प्रति क्विंटल केवल ₹70 से ₹90 तक का कमीशन मिलता है, जबकि अन्य राज्यों में यह राशि ₹200 तक है। इतना ही नहीं, जब केंद्रों पर बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंचतीं, तो कोटेदारों को अपने ही पैसे से अनाज ढोकर दुकान तक लाना पड़ता है। चार महीने से भुगतान न होने के कारण कोटेदार अब कर्ज में डूबते जा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार के पास अधिकारियों और कर्मचारियों के वेतन के लिए बजट है, तो फिर कोटेदारों के लिए क्यों नहीं? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ, तो सभी कोटेदार वितरण कार्य को ठप करने के लिए विवश होंगे।

कोटेदारों की इस हालत ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो इसका सीधा असर आम जनता तक राशन पहुंचाने की प्रक्रिया पर पड़ेगा।

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