चंदौली: ‘हवन करते हाथ जले’, गुडवर्क के फेर में नपे अपराध निरीक्षक; एसपी ने किया सस्पेंड
धीना/धानापुर (चंदौली)।
जिले के चर्चित दोहरे हत्याकांड के आरोपियों पर शिकंजा कसने के लिए जहां पुलिस के आला अधिकारी किसी बड़ी और सख्त कार्रवाई की रणनीति बना रहे थे, वहीं धानापुर थाने के अपराध निरीक्षक (इंस्पेक्टर क्राइम) का ‘गुडवर्क’ दिखाने का दांव उलटा पड़ गया। अधिकारियों की मंशा के विपरीत बनी इस स्थिति के बाद पुलिस कप्तान ने कड़ा रुख अपनाते हुए अपराध निरीक्षक सरल सरूप आदर्श को सस्पेंड कर दिया है। महकमे में इस कार्रवाई की चर्चा जोरों पर है और लोग इसे ‘हवन करते हाथ जलने’ जैसी स्थिति बता रहे हैं।
चर्चित दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है मामला
धीना थाना क्षेत्र में बीते दिनों दो जिगरी दोस्तों की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया था। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा तो कर दिया था, लेकिन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के कारण लगातार पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उच्चाधिकारियों के अलावा स्वाट/क्राइम ब्रांच और धीना पुलिस इन फरार आरोपियों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई की फिराक में थी। इसी बीच धानापुर थाने पर भी मामले में अपेक्षित सहयोग न करने के आरोप अंदरखाने लग रहे थे।
एक तीर से दो निशाने साधने की थी कोशिश
इसी बीच बुधवार को धानापुर थाने में तैनात अपराध निरीक्षक सरल सरूप आदर्श को हत्यारोपियों की लोकेशन मिल गई। इसे मुखबिर तंत्र की मजबूती कहें या फिर कोई अंदरूनी तालमेल, अपराध निरीक्षक ने तुरंत दबिश देकर हत्यारोपियों को पकड़ लिया।
विभागीय सूत्रों की मानें तो अपराध निरीक्षक का इरादा दोहरा लाभ लेने का था। पहला—कई दिनों से फरार चल रहे अपराधियों को पकड़कर विभाग में ‘गुडवर्क’ साबित करना, और दूसरा—कंदवा थाने में तैनाती के दौरान लगे आरोपों के चलते मिली ‘बैड एंट्री’ (प्रतिकूल प्रविष्टि) को इस गुडवर्क की आड़ में कटवाना।
दांव पड़ा उलटा, गुडवर्क बन गया बैडवर्क
सूत्रों का कहना है कि उच्चाधिकारी इन शातिर अपराधियों के खिलाफ किसी और बड़ी कार्रवाई की योजना बना रहे थे, लेकिन इंस्पेक्टर द्वारा आनन-फानन में की गई इस कार्रवाई ने पूरी रणनीति पर पानी फेर दिया। अधिकारियों की तय योजना पटरी से उतरने के कारण यह तथाकथित गुडवर्क सीधे ‘बैडवर्क’ में तब्दील हो गया और लेने के देने पड़ गए।
लापरवाही और मनमानी के आरोप में गिरी गाज
योजनाओं के फेल होने से नाराज पुलिस अधीक्षक ने अपराध निरीक्षक सरल सरूप आदर्श को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। हालांकि, निलंबन आदेश में विभागीय योजनाओं के विफल होने के बजाय सरकारी कार्यों में लापरवाही, थाना प्रभारी की अनुपस्थिति में जनता दर्शन का कार्य सुचारू रूप से न करने और पदीय दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरतने का आधार बनाया गया है।
इस निलंबन के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है और यह चर्चा आम है कि श्रेय लेने की जल्दबाजी में इंस्पेक्टर साहब ‘आ बैल मुझे मार’ की कहावत को चरितार्थ कर बैठे।




