Friday, August 21, 2026
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चिरईगाँव: फर्जी वोटर लिस्ट की खबर पर भड़के BDO, पत्रकारों को ब्लॉक में ‘नो एंट्री’ की दी धमकी

चिरईगाँव (वाराणसी):

वाराणसी जिले के चिरईगाँव ब्लॉक में इन दिनों प्रशासनिक तानाशाही अपने चरम पर है। यहाँ नाबालिकों के नाम दर्ज किए जाने की गंभीर शिकायत पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों को BDO छोटेलाल तिवारी के गुस्से का सामना करना पड़ा। खबर चलाए जाने से नाराज अधिकारी ने पत्रकारों को न सिर्फ धमकाया, बल्कि ब्लॉक परिसर में उनके प्रवेश पर पाबंदी लगाने का फरमान भी सुना दिया।

मामला: फर्जी वोटरों का खेल और प्रशासनिक पर्दापोशी

ताजा मामला बीकापुर (क्षेत्रीय गांव) में BLO द्वारा मतदाता सूची में की जा रही धांधली से जुड़ा है। आरोप है कि BLO द्वारा नियमों को ताक पर रखकर नाबालिक बच्चों के नाम सूची में शामिल किए जा रहे हैं। जब मीडिया ने इस भ्रष्टाचार की तह तक जाने की कोशिश की और BDO से सवाल पूछना चाहा, तो अधिकारी ने सहयोग करने के बजाय पत्रकारों को ही निशाना बना लिया।

“सुरछा कर्मी को दी हिदायत, ब्लॉक में न घुसने पायें पत्रकार”

BDO छोटेलाल तिवारी ने पत्रकारों को ब्लॉक परिसर न आने की चेतावनी देते हुए वहां तैनात सुरछा कर्मी को सख्त निर्देश दिए कि मीडियाकर्मियों को अंदर न घुसने दिया जाए। एक सरकारी कार्यालय में पत्रकारों के प्रवेश पर इस तरह की पाबंदी लगाना न केवल असंवैधानिक है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों को दबाने की कोशिश कर रहा है।

उठ रहे हैं गंभीर सवाल

* अगर निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी है, तो BDO को मीडिया के सवालों से डर क्यों लग रहा है?

* क्या फर्जी वोटरों के नाम दर्ज कराने के पीछे कोई बड़ा राजनैतिक या प्रशासनिक दबाव है?

* क्या जिला प्रशासन ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करेगा जो लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को अपना काम करने से रोक रहे हैं?

स्थानीय पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और जिलाधिकारी (DM) वाराणसी से मांग की है कि पत्रकारों को सुरक्षा दी जाए और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

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