Friday, August 21, 2026
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चिरईगांव में एमडीएम खाद्यान्न की बोरी छात्रों से दुलवाई, शिक्षा विभाग क्या करेगा कार्रवाई

 

चिरईगांव, विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय पचरांव में मंगलवार को एक विवादास्पद घटना सामने आई, जब विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से एमडीएम (मिड-डे मील) के खाद्यान्न की बोरियां उठवाने का आरोप लगा। यह बोरी विद्यालय में पहुंचने के बाद बच्चों की पीठ पर लदवाई गई, जिसे लेकर ग्रामीणों और अभिभावकों में आक्रोश फैल गया।

 

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का संचालन स्वयं सहायता समूह द्वारा किया जाता है। इस विद्यालय में 500 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, और मिड-डे मील के लिए खाद्यान्न की आपूर्ति हर माह कोटे की दुकान से की जाती है। इस बार खाद्यान्न की आपूर्ति एक मैजिक वाहन से की गई थी, जिसे उतारने के लिए बच्चों से ही बोरी उठवाने का आदेश दिया गया।

 

इस पर अभिभावकों ने विरोध जताया और बताया कि पंचराव निवासी श्याम कार्तिक मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक बच्चों से हर माह भारी बोरियां उठवाने के लिए बुलवाते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करना बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए खतरे की बात है। विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद इस प्रकार का कृत्य हुआ।

 

इस घटना पर खण्ड शिक्षा अधिकारी प्रीति सिंह ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों से बोरी उतरवाने और ढुलाई कराने में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरविंद पाठक ने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में एमडीएम खाद्यान्न की आपूर्ति की जिम्मेदारी ग्रामप्रधान की होती है। व्यावहारिक तौर पर शिक्षक केवल सहयोग कर सकते हैं, लेकिन बच्चों से खाद्यान्न की बोरी उठवाना अपराध है। इस मामले की जांच की जाएगी, और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

 

इस घटना ने क्षेत्र में नाराजगी और आक्रोश पैदा कर दिया है, और अब शिक्षा विभाग के द्वारा जल्द ही इस मामले की जांच करने और कार्रवाई करने की उम्मीद जताई जा रही है।

 

 

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