Friday, August 21, 2026
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पाक्सो एक्ट: दोषी विष्णु प्रताप को उम्रकैद -60 हजार रूपये अर्थदंड ना देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद

पाक्सो एक्ट: दोषी विष्णु प्रताप को उम्रकैद
-60 हजार रूपये अर्थदंड ना देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
– 13 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म का मामला
-अर्थदंड की समूची धनराशि 60 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी

सोनभद्र(विनोद मिश्र)
साढ़े तीन वर्ष पूर्व 13 वर्षीय नाबालिक लड़की के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश / विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट सोनभद्र निहारिका चौहान की अदालत ने सोमवार को सुनवाई करते हुए दोष सिद्ध पाकर दोषी विष्णु प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह को उम्रकैद एवं 60 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अर्थदंड की समूची धनराशि 60 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक पन्नूगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता की मां ने 18 सितंबर 2019 को थाने में दी तहरीर में अवगत कराया था कि उसकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी जो कक्षा 6 की छात्रा है घर में अकेली थी और उसे बुखार आया था। वह तथा उसके पति घर पर नहीं थे। अपने परचून के दुकान पर गए थे। बेटी को अकेला पाकर पन्नूगंज थाना क्षेत्र के बभनगवा निवासी विष्णु प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह पुत्र भरत सिंह उर्फ छोटई ने उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। शोर करने पर यह धमकी दिया कि अगर किसी से बताओगी तो उसके भाई को जान से मार देगा। जब घर पहुंची तो बेटी बेहोशी हालत में पड़ी थी। उसे तियरा अस्पताल ले गई, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां से भी हालत गंभीर होने पर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। जब बेटी को होश आया तो उसने सारी बात बताई। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना किया। विवेचक ने पर्याप्त सबूत मिलने पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान एवं पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषसिद्ध पाकर दोषी विष्णु प्रताप सिंह उर्फ शुभम सिंह को उम्रकैद एवं 60 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं अर्थदंड की समूची धनराशि 60 हजार रूपये पीड़िता को मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील दिनेश कुमार अग्रहरी, सत्य प्रकाश त्रिपाठी एवं नीरज कुमार सिंह ने बहस की।

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