Friday, August 21, 2026
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बढ़ते हुए जलस्तर और कटान से डरे हुए हैं ढाबवासी

वाराणसी। गंगा के जलस्तर में तेज हो रहे बढ़ाव से बाढ़ की आशंका से चिरईगांव विकास खण्ड अंतर्गत बनारस का ने अंडमान निकोबार कहा जाने वाला ढाब क्षेत्र बाढ़ के की चपेट में है। ढाब क्षेत्र का सोता (गंगा की उपधारा) पूरी तरह उफान पर है। ऐसे में बाढ़ की आशंका से ढाबवासी सहमे हुए है।

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  1. चिरईगांव संवाददाता के अनुसार बाढ़ की चपेट में चारा व सब्जी की फसलें गंगा नदी किनारे बोया गया पशुओ का हरा चारा और शाग-सब्जियाँ बाढ़ के पानी की चपेट में है। मोकलपुर के प्रधान भाकर कनोजिया ,व दादा भुआल सिंह पूर्व प्रधान,अनमोल सिंह,गोबरहा ,के अश्विनी सिंह रामपुर के चंदन सिंह धीरज सिंह  कुलदीप सिंह इन लोगों ने बताया कि गंगा नदी के किनारे व सोता के समीप बोयी गई चारा व सब्जियों की कई एकड़ फसलें बाढ़ की चपेट में आ गयी है। ऐसे अब पशुपालकों के समक्ष हरे चारे का संकट उत्पन्न हो जायेगा साथ ही हरी सब्जियां भी महंगी हो जायेंगी। सोता में समा रही उपजाऊ जमीन, कटान रोधी कटर कटान रोकने में असफल रामचंदीपुर गांव के पास सोता के किनारे बाढ़ के पानी के कारण किसानों की उपजाऊ जमीन का कटान तेज हो गया है। किसानों का कहना था कि यदि इसी रफ्तार से मि‌ट्टी का कटान जारी रहा तो कई एकड़ उपजाऊ जमीन सोता में समा जायेगी। रामचंदीपुर के किसानों ने बताया कि राचन्दीपुर

गांव के समीप बनाये गये कटान रोधी कटर डूब गए है और उपजाऊ जमीन का कटान तेजी से हो रहा है। बाढ़ का आलम यह है कि रामचन्दीपुर सोता नदी में सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग उत्तर प्रदेश, बंधी प्रखंड वाराणसी ने कटान रोकने के लिए 73 लाख 29 हजार रुपए की लागत से

बोल्डर/पत्थर को जोड़कर कटान रोधी आठ कटर का निमर्माण कराया था। आज के समय में सभी कटान रोधी कटर पानी में डूब चुके है और सोता का कटान रोधी कटर के ऊपर से बह रहा है और उपजाऊ जमीन कटान कटान से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है।

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