Friday, August 21, 2026
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बलिया कांड को लेकर ओबरा में भी लामबंद हुए कलम के सिपाही

बलिया के गिरफ्तार पत्रकारों को बिना शर्त रिहा करने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

बलिया कांड को लेकर ओबरा में भी लामबंद हुए कलम के सिपाही


सोनभद्र/ओबरा

बलिया में पेपर लीक मामले में पत्रकारों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की घटना से सोनभद्र जनपद के ओबरा में भी पत्रकारों में भी काफी आक्रोश है। पत्रकारों की रिहाई और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जिले के पत्रकार लामबंद हैं।ओबरा स्थित तहसील पर पत्रकारों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित पत्रक उपजिलाधिकारी को सौंपकर पत्रकारों की जल्द रिहाई और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पत्रकारों ने बलिया प्रशासन के विरोध में जमकर नारे लगाए। पत्रकार संगठन की ओर से मुख्यमंत्री के नाम सात सूत्रीय पत्रक उपजिलाधिकारी जैनेन्द्र सिंह को सौंपा गया। जिसमें मांग की गई कि बलिया के निर्दोष पत्रकार अजीत ओझा, दिग्विजय सिंह और मनोज गुप्ता को तत्काल रिहा किया जाए और उन पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लिया जाए। साथ ही दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। पत्रकारों ने कहा कि पेपर आउट मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि आगे कोई भी युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने की हिम्मत न जुटा सके। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए अविलंब जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाए।इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार सतीश भाटिया व भोला दूबे ने कहा कि सच उजागर करने पर बलिया में पत्रकारों को जेल में बंद किया जाना अत्यंत निंदनीय है।वरिष्ठ पत्रकार संजय यादव व प्रेम राय ने कहा कि पत्रकारों को तत्काल रिहा करने के साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।वरिष्ठ पत्रकार सुरेंद्र सिंह व राकेश अग्रहरि ने कहा कि पत्रकारों को घुटने पर लाने की बलिया प्रशासन की मंशा किसी भी कीमत पर कामयाब नहीं होगी।वरिष्ठ पत्रकार मनमोहन शुक्ला व अभिषेक पांडेय ने पत्रकारों पर कार्रवाई को अनुचित ठहराया और तत्काल उनकी रिहाई की मांग की।भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ जिलाध्यक्ष महेश पांडेय व हरिओम विश्वकर्मा ने कहा कि सोनभद्र जिले के पत्रकार बलिया के पत्रकारों के न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। पत्रकार डरने व डिगने वाले नहीं है। अपनी नाकामी छुपाने के लिए बलिया प्रशासन ने बेकसूर पत्रकारों को निशाना बनाया है। पत्रकारों को जेल भेजना लोकतंत्र की भावना से खिलवाड़ है। इस तरह की कार्रवाई को पत्रकार बर्दाश्त नहीं करेंगे। बलिया जिला प्रशासन द्वारा साजिश के तहत व्हाट्सएप पर प्रश्नपत्र मंगवाकर मुकदमा कायम करना सरासर गलत है। इस मौके पर पत्रकार अरविंद कुशवाहा,नीरज भाटिया,मुस्ताक अहमद,वीरू गोयल,राजू चौधरी आदि मौजूद रहे।

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