Thursday, August 20, 2026

मंत्री प्रतिनिधि को पंचायत सहायकों ने सौंपा 14 सूत्रीय मांग पत्र, 15 जून को लखनऊ में महाआंदोलन की चेतावनी

  1. मंत्री प्रतिनिधि को पंचायत सहायकों ने सौंपा 14 सूत्रीय मांग पत्र, 15 जून को लखनऊ में महाआंदोलन की चेतावनी

वाराणसी/चिरईगांव:उत्तर प्रदेश के पंचायत सहायकों की समस्याओं और उनके अधिकारों को लेकर ‘पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन उत्तर प्रदेश’ ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। इसी क्रम में यूनियन के पदाधिकारियों और पंचायत सहायकों ने सूबे के कैबिनेट मंत्री श्री अनिल राजभर जी के मंत्री प्रतिनिधि श्री संजय सिंह जी से मुलाकात की और उन्हें मुख्यमंत्री व कैबिनेट मंत्री को संबोधित एक 14 सूत्रीय मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा।

ज्ञापन सौंपने के साथ ही यूनियन ने शासन-प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उनकी जायज मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 15 जून 2026 को लखनऊ के ईको गार्डन में राज्यव्यापी शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

मानदेय वृद्धि और स्थायी सेवा नियमावली मुख्य मांग

मंत्री प्रतिनिधि को सौंपे गए ज्ञापन में यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष बृजेश कुमार मिश्रा ने कहा कि ग्राम सचिवालयों के सुचारू संचालन और सरकार की डिजिटल योजनाओं को धरातल पर उतारने में पंचायत सहायक दिन-रात महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मात्र ₹6,000 प्रतिमाह का अत्यंत अल्प मानदेय दिया जा रहा है, जिससे इस महंगाई के दौर में परिवार का भरण-पोषण करना असंभव है। यूनियन ने मांग की है कि इस मानदेय को बढ़ाकर ग्राम पंचायत सचिव के समकक्ष ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए या राज्य की न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू की जाए। इसके साथ ही वर्तमान अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) व्यवस्था को समाप्त कर एक स्थायी सेवा नियमावली बनाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।

बुनियादी सुविधाओं और तकनीकी संसाधनों की कमी पर उठाए सवाल

यूनियन के पदाधिकारियों (प्रदेश महामंत्री शिवानी गिरी, उपाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र कुमार और संगठन मंत्री सतेन्द्र) ने बताया कि सचिवालयों में काम के लिए जरूरी संसाधन जैसे कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर और इनवर्टर तक की भारी कमी है। मांग पत्र में प्रत्येक माह इंटरनेट, प्रिंटिंग और स्टेशनरी के लिए सीधे बजट आवंटित करने, विभागीय कार्यों के लिए मोबाइल फोन उपलब्ध कराने और ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू करने की बात कही गई है।

14 सूत्रीय मांग पत्र के प्रमुख बिंदु:

भर्ती में 50% क्षैतिज आरक्षण: ग्राम विकास अधिकारी (VDO) और ग्राम पंचायत अधिकारी (VPO) की सीधी भर्तियों में अनुभवी पंचायत सहायकों को 50 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाए।

महिला कर्मचारियों के लिए नीति: अकादमिक या व्यावहारिक स्तर पर, विवाहोपरांत महिला पंचायत सहायकों के स्थानांतरण और समायोजन के लिए एक स्पष्ट और सरल नीति बने।

स्वास्थ्य सुरक्षा: सभी पंचायत सहायकों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर उनके आयुष्मान कार्ड जारी किए जाएं।

गैर-विभागीय कार्यों पर रोक: पंचायत सहायकों से अन्य विभागों के लिए जा रहे गैर-विभागीय कामों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से प्रदेश संयोजक वीनस कुमार, सचिव अंशिका सिंह, उपसचिव समसीर बानो, कोषाध्यक्ष नवनीत कुमार, प्रवक्ता विपिन कुमार यादव, मीडिया प्रभारी नीरज बाबू और सूचना एवं प्रसारण मंत्री चंद्रदेव उपस्थित रहे।

इसके साथ ही अपनी एकजुटता और ताकत दिखाने के लिए राजू चौहान, विकास यादव, प्रमोद प्रसाद, सुनीता यादव, प्रीति यादव, आराध्या पाठक, अर्चीता, कृष्णा, सोनम, सुनीति और प्रेम सहित भारी संख्या में जनपद के पंचायत सहायक प्रतिनिधि मौके पर मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि यदि समय रहते मांगें पूरी नहीं हुईं, तो 15 जून को लखनऊ के ईको गार्डन में होने वाले आंदोलन की समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

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