आशीष मोदनवाल पत्रकार
वाराणसी। राजातालाब तहसील में अधिवक्ताओं का आंदोलन बुधवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए सुबह 11 बजे से तहसील परिसर में धरना दिया और एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन और न्यायिक कार्यों का बहिष्कार जारी रहेगा।
धरना प्रदर्शन दोपहर लगभग दो बजे तक चला। चार दिनों से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद जिला प्रशासन और बार संघ के बीच कोई सहमति नहीं बन सकी है, जिससे तहसील का सामान्य कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है।
इस आंदोलन का सबसे अधिक असर आम जनता पर पड़ रहा है। नामांतरण, दाखिल-खारिज, पैमाइश तथा अन्य राजस्व संबंधी मामलों के लिए तहसील पहुंचने वाले लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ रहा है। कई मामलों की सुनवाई टलने से दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को समय और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
अधिवक्ताओं का आरोप है कि बार संघ अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह के साथ एसडीएम द्वारा कथित अभद्र व्यवहार किए जाने के विरोध में यह आंदोलन शुरू किया गया है। अधिवक्ता एसडीएम के स्थानांतरण तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से अब तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
धरना स्थल पर अधिवक्ताओं ने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया। आंदोलन के दौरान “वंदे मातरम्” के नारे लगाए गए और आंदोलन जारी रखने का संकल्प दोहराया गया। सूत्रों के अनुसार, यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।






