Friday, August 21, 2026
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शंकराचार्य जी ने कहा गौ माता की रक्षा के लिए हर हिन्दू को अब प्रतिबद्ध होना ही पड़ेगा

प्रेस विज्ञप्ति~प्रकाशनार्थ

शंकराचार्य जी ने कहा गौ माता की रक्षा के लिए हर हिन्दू को अब प्रतिबद्ध होना ही पड़ेगा

40 दिन शुद्ध देसी गाय का दूध पियो,- 41वें दिन बुद्धि खुल जाएगी

16.6.26,गौतम बुद्ध नगर।

*’गाय की हत्या में आठ लोग दोषी — वोट देने वाला अनुमति दाता पहले नंबर पर’ — ‘नेता से पूछो: मेरे वोट का क्या करोगे? — मतदाता यदु बनो’ — ‘आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने गोरक्षा कानून हटाया*
*कश्मीर की रणबीर संहिता’ — ‘भाजपा के 15 करोड़ — 82 करोड़ सनातनी हिंदू बिना राजनीतिक आका के’

मूल मंत्र: “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ”

*”तुम्हारा स्मार्टफोन स्मार्ट है,कार स्मार्ट है,घर स्मार्ट है।और तुम? हाथ कमजोर,पैर कमजोर, आंखें कमजोर, दिमाग मंद।यह होता है जब गाय का दूध छोड़कर पैकेट का पीते हो और गैजेट पकड़ लेते हो।फोन हर साल update होता है, उसका मालिक हर साल dull होता जाता है।”— ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती ‘१००८’*

धर्मयुद्ध)’ (3 मई – 24 जुलाई 2026) के क्रम में ‘परमाराध्य’ परमधर्माधीश उत्तराम्नाय ज्योतिष्पीठाधीश्वर अनन्तश्री विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती ‘१००८’ का नोयडा शहर में भव्य स्वागत हुआ।प्रत्येक स्थान पर उपस्थित जनसमुदाय ने वैदिक मंत्र “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौः गोप्रतिष्ठा” का सामूहिक उच्चारण करते हुए गौ रक्षा का संकल्प लिया।
’40 दिन शुद्ध देसी गाय का दूध पियो, — 41वें दिन बुद्धि खुल जाएगी’
महाराजश्री ने आधुनिक जीवन की कई समस्याओं पर सीधी बात की:
“सबको सब कुछ smart चाहिए। smartphone, smart car, smart city, लेकिन अपने शरीर में देखें — कौन सी चीज ताकतवर है? हाथ कमजोर, पैर कमजोर, आंखें कमजोर, पहचान गड़बड़। क्यों? क्योंकि तुमने वह एक चीज छोड़ दी जो शरीर बनाती है और बुद्धि तेज करती है — शुद्ध देसी गाय का दूध।”
उन्होंने एक स्पष्ट वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दावा किया:
“40 दिन लगातार शुद्ध देसी गाय का दूध पियो, 41वें दिन पाओगे कि जो बातें पहले समझ नहीं आती थीं,वे समझ में आने लगेंगी।एक स्पष्टता, एक ऊर्जा,एक स्फूर्ति जागेगी। Packet का दूध बासी होता है — उसे खाने-पीने वाली बुद्धि भी बासी होती जाती है। फोन हर साल update होता है, उसका मालिक हर साल dull होता जाता है। गाय तुम्हारा असली update है। 40 दिन करके देखो।”
‘गाय की हत्या में आठ लोग दोषी — वोट देने वाला अनुमतिदाता पहले नंबर पर’
महाराजश्री ने गौ हत्या का प्राचीन कानूनी ढांचा उद्धृत किया। शास्त्र के अनुसार प्रत्येक गाय की हत्या में आठ प्रकार के लोग दोषी होते हैं:
अनुमन्ता (अनुमति देने वाला)
विशेसिता (काटने वाला)
नियन्ता (प्राण लेने वाला)
क्रेता-विक्रेता (मांस खरीदने-बेचने वाले)
संस्कर्ता (पकाने वाला)
उपहर्ता (परोसने वाला)
खादक/भोक्ता (खाने वाला)
“एक गाय की हत्या पर एक करोड़ साल का नरकवास।इसे आठ में बांटो तो 12 लाख साल प्रत्येक के हिस्से आता है। 12 लाख साल का नरक — एक गाय की हत्या के लिए और दोषियों की सूची में पहला नाम है अनुमन्ता — अनुमति देने वाला। सरकार ने अनुमति दी। सरकार को अनुमति देने की ताकत किसने दी? आपने — अपने vote से। आप अनुमन्ता हैं। आप सूची में पहले नंबर पर हैं।”
‘नेता से पूछो: मेरे वोट का क्या करोगे? — मतदाता यदु बनो’
महाराजश्री ने यदु-ययाति प्रसंग को सीधे मतदाता की स्थिति से जोड़ा:
“राजा ययाति ने बेटे यदु से जवानी मांगी। यदु ने कहा: दूंगा — लेकिन पहले बताओ इसका उपयोग क्या करोगे? जवाब अधर्मपूर्ण था — यदु ने राज्य खोने का जोखिम लेकर भी मना कर दिया। कहा: राज्य ले लो — अधर्म का साधन नहीं बनूंगा।”
“आज हर मतदाता यदु है। आपका vote आपकी जवानी है — आपकी शक्ति है। नेता आकर मांगता है। वही करो जो यदु ने किया। पूछो: मेरा vote लेकर क्या करोगे? लिखकर बताओ, हस्ताक्षर करके बताओ। अगर जवाब है — तुम्हारी गाय को पशु कहूंगा, बूचड़खानों को license दूंगा — तो यदु की तरह कहो: मेरा नहीं। राज्य ले जाओ — vote नहीं।”
महाराजश्री ने एक व्यावहारिक समाधान भी सुझाया:
“Mobile की SIM लेते समय T&C (नियम व शर्तें) agree करते हो — बिना पढ़े। क्या अपने vote के लिए एक शर्त नेता से नहीं मनवा सकते? एक कागज पर हस्ताक्षर: ‘जो भी गलत कार्य मैं करूंगा, उसके पाप में मेरा मतदाता भागीदार नहीं होगा।’ तब vote दो।”
‘आजादी के बाद पहली बार किसी सरकार ने गोरक्षा कानून हटाया — कश्मीर की रणबीर संहिता’
महाराजश्री ने एक ऐतिहासिक महत्व का भेद किया:
“आजादी के बाद से अब तक — कांग्रेस हो, जनता पार्टी हो, सपा हो, बसपा हो — किसी भी सरकार ने जो गौ रक्षा कानून पहले से था उसे हटाया नहीं था। सभी ने नाकाफी काम किया, नए कानून नहीं बनाए, लेकिन जो था उसे हटाया नहीं। केवल वर्तमान केंद्र सरकार ने यह किया।”
उन्होंने विशेष उदाहरण दिया:
“कश्मीर में रणबीर दंड संहिता थी — वहां के डोगरा राजाओं का कानून — जिसमें गाय की हत्या पर कठोर दंड था। धारा 370 हटाने के साथ रणबीर दंड संहिता भी हट गई। वह कानून जिसके अंतर्गत वहां के मुसलमान भी पीढ़ियों से रह रहे थे और मानते थे। अब वह सुरक्षा चली गई। क्या आपसे consent (सहमति) लिया गया? यह एकमात्र सरकार है जिसने हिंदू गौरव के नाम पर कश्मीर में गाय काटना आसान बना दिया।”
‘भाजपा के 15 करोड़ — 82 करोड़ सनातनी हिंदू बिना राजनीतिक आका के’
महाराजश्री ने स्पष्ट राजनीतिक गणित रखा:
“भाजपा के अपने अध्यक्ष ने 10 करोड़ सदस्यों की घोषणा की। RSS (80 लाख) और सभी सहयोगी संगठनों को जोड़ दें — अधिकतम 15 करोड़। भारत में 97 करोड़ हिंदू हैं। 15 करोड़ भाजपा के साथ हैं। बाकी 82 करोड़ सनातनी हिंदू हैं जो धर्म के अनुसार जीते हैं, राजनीतिक नारेबाजी नहीं करते, जिनकी कोई पार्टी नहीं है।”
उन्होंने कहा:
“RSS के 100 साल में एक भी शंकराचार्य उनसे नहीं जुड़े। इसलिए नहीं कि बुलाया नहीं — बल्कि इसलिए कि विचार में भेद है। सनातनी हिंदू और राजनीतिक हिंदू अलग-अलग सिद्धांतों पर चलते हैं। जब वह 82 करोड़ सनातनी राजनीतिक आवाज पाएंगे — और पाएंगे जरूर — तो इस देश के हर चुनाव का गणित बदल जाएगा। उसी दिन की ओर हम काम कर रहे हैं।”
सामूहिक संकल्प — चक्रधारी मुद्रा — वीर भोग्या वसुंधरा
महाराजश्री ने उपस्थित जनसमुदाय से सामूहिक घोषणा करवाई:
“मैं आज गर्व से घोषणा करता/करती हूं: गाय मेरी माता है — पशु नहीं। जो उन्हें पशु कहे वह मेरे हृदय को चोट पहुंचाता है। आज से उनसे मेरा संबंध टूटता है। मेरा vote उसी को — जो घोषणा करके आए, लिखकर आए, संसद या विधानसभा में प्रस्ताव पारित करके आए — कि गाय माता है।”
तत्पश्चात चक्रधारी मुद्रा में वैदिक संकल्प “अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ” का सामूहिक उच्चारण कराया गया। महाराजश्री ने प्राचीन वीर-घोषणा के साथ समापन किया: “वीर भोग्या वसुंधरा” — यह धरती वीरों की है, कायरों की नहीं। “आज सीटों पर कायर बैठे हैं। वीरों को आगे आना होगा। जगदम्बा सेना बन रही है। 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के कांशीराम स्मृति मैदान में एक अक्षौहिणी सेना खड़ी होगी।”
24 जुलाई को लखनऊ में एक अक्षौहिणी सेना का महासंकल्प
3 मई 2026 को गोरखपुर से प्रारंभ हुई गोप्रतिष्ठा यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं की परिक्रमा कर रही है। यदि 81 दिनों की यात्रा पूर्ण होने तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो 24 जुलाई 2026 को लखनऊ के कांशीराम स्मृति मैदान में एक अक्षौहिणी सेना — 2,18,700 धर्म सैनिकों के साथ अगले चरण की घोषणा की जाएगी।

उक्त जानकारी शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने दी है।

संजय पाण्डेय
मीडिया प्रभारी।

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