Friday, August 21, 2026
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२ साल से पशु शवदाह गृह तैयार, 4 बार ट्रायल फेल, फिर भी तीन लाख का के पार बिजली बिल 

 

चिरईगांव। सवा दो करोड़ से करीब दो साल पहले जाल्हूपुर गांव में बनाए गए इलेक्ट्रिक पशु शवदाह गृह में आज तक एक भी पशु का शवदाह नहीं हुआ। अब तक चार बार ट्रायल हुए, हर बार मशीन में दिक्कत आ जाती है। इधर, बिजली विभाग का बिल भी तीन लाख रुपये हो चुका है। अब बिजली निगम ने कनेक्शन भी काट दिया है।

 

पशु शवदाह गृह को जिला पंचायत विभाग ने दो करोड़ 25 लाख की लागत से 2022 में तैयार कराया था। क्षेत्र के 20 से अधिक ग्राम पंचायतों के पशुपालकों को इसका लाभ मिलना था। अब तक चार बार इसका ट्रायल हो चुका है, लेकिन हर बार तकनीकी दिक्कत से इसे चालू नहीं किया जा सका। शवदाह गृह की देखरेख को रखे गए रमाशंकर यादव ने बताया कि उन्हें पिछले 15 महीने से पारिश्रमिक नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि लोग यहां मृत पशु लेकर आते हैं, मना करने के बाद भी कई लोग यहीं फेंककर भाग जाते हैं। शवदाह गृह की क्षमता रोजाना 12 मृत पशुओं के शव दाह करने की है।

अफसरों के बयान भी अलग-

नहीं भरा बिजली का बिल, कनेक्शन कटा

शवदाह गृह तो शुरू नहीं हो सका, लेकिन ट्रायल में ही बिजली बिल तीन लाख रुपये आ चुका है। अब बिजली विभाग ने कनेक्शन ही काट दिया है। विभाग के अवर अभियंता प्रिंस कुमार ने बताया कि बिल ही नहीं भरा जा रहा था। कई बार इस बारे में कहा गया। लेकिन, बिल नहीं भरे जाने पर कनेक्शन काट दिया गया है। जिला पंचायत विभाग में तैनात अवर अभियंता राकेश राय का कहना है, उन्हें इसे लेकर जानकारी नहीं है।

अलगः शवदाह गृह को लेकर जिला पंचायत और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी से बात की गई तो दोनों के बयान ही अलग-अलग हैं। अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत वाराणसी श्रीकांत दुबे का कहना है कि शवदाह गृह के पार्टस में कुछ खराबी है। उसे ठीक कराकर उसका लोकार्पण कराया जाएगा।

जबकि नगर निगम के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. संतोष पाल का कहना है कि दो-तीन बार शुरू किया जा चुका है, लेकिन कोई कंपनी इसे ठीक से चला नहीं पा रही है।

शवदाह गृह ठीक है, लेकिन बहुत अत्याधुनिक है। स्थानीय कर्मी चला नहीं पा रहे हैं। टेंडर निकाला गया है। जल्द ही किसी कंपनी को इसके संचालन की जिम्मेदारी दी जाएगी।

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