Thursday, August 20, 2026

अध्यापक, व्यापारी, सेवक, विद्यार्थी हर वर्ग के लिए सहायक है गीता

गोबरहां (वाराणसी), 4 जून। कर्मयोगी पीठ द्वारा संचालित 21 दिवसीय गीता चेतना यात्रा का नौवां विश्राम गुरुवार को पं. हरिशंकर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गोबरहां (ढाब), वाराणसी में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि गीता किसी एक वर्ग, संप्रदाय या आयु वर्ग की पुस्तक नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन देने वाला शाश्वत ग्रंथ है।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कर्मयोगी गौरव मिश्र, प्रमुख संयोजक, ने कहा कि गीता का ज्ञान अध्यापक को आदर्श शिक्षण, विद्यार्थी को लक्ष्य प्राप्ति, व्यापारी को नैतिक व्यापार और सेवक को कर्तव्यनिष्ठ जीवन की प्रेरणा देता है। गीता मनुष्य को परिस्थितियों से संघर्ष करना, निर्णय लेना और निष्काम भाव से कर्म करना सिखाती है।

 

उन्होंने कहा कि आज समाज में बढ़ती मानसिक अशांति, नैतिक संकट और प्रतिस्पर्धा के दौर में गीता का अध्ययन अत्यंत प्रासंगिक हो गया है। यदि विद्यार्थी गीता के संदेशों को आत्मसात करें तो उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और राष्ट्रभाव का विकास होगा। वहीं व्यापारी वर्ग गीता के सिद्धांतों को अपनाकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकता है।

 

इस अवसर पर यात्रा संयोजक श्यामकार्तिक मिश्र ने बताया कि गीता चेतना यात्रा कल अपने दसवें विश्राम स्थल रमरेपुर (पहड़िया) पहुंचेगी। प्रत्येक विश्राम स्थल पर पौधारोपण के साथ साथ सभी को गीता भी वितरीत किया जा रहा है।

निवेदक मायाशंकर मिश्र ‘रिंकू’ अश्विनी सिंह क्षत्रिय महासभा वाराणसी जिला अध्यक्ष ने सभी आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा कि गीता का संदेश समाज में सद्भाव, कर्तव्यबोध और नैतिक चेतना को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम है।

इस अवसर पर उमाकांत पांडेय, किशन पटेल आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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