Thursday, August 20, 2026

किसान भाई ध्यान दें! धान की नर्सरी को रोगों से बचाने के लिए चंदौली प्रशासन ने जारी की एडवायजरी, जानें सही दवा और तरीका

धान नर्सरी में रोग नियंत्रण के लिए गाइडलाइन जारीः जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों को दी सलाह

चंदौली/दिनांक 29 जून, 2026

जिला कृषि रक्षा अधिकारी विनोद कुमार यादव ने धान की नर्सरी में लगने वाले रोगों से बचाव के लिए किसानों को महत्वपूर्ण सलाह दी है। उन्होंने बताया कि धान की नर्सरी में खैरा, सफेदा और झोंका जैसे रोगों का प्रकोप होने की संभावना रहती है। इन रोगों से बचाव के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारी के अनुसार, किसानों को नर्सरी लगाने के 10 दिन के भीतर ट्राइकोडर्मा का एक छिड़काव करना चाहिए। इसके अतिरिक्त, बुवाई के 10 से 14 दिन बाद रोगों और कीटों से बचाव के लिए एक सुरक्षात्मक छिड़काव आवश्यक है। खैरा रोग की रोकथाम के लिए, प्रति हेक्टेयर 5 किलोग्राम जिंक सल्फेट को 20 किलोग्राम यूरिया या 2.5 किलोग्राम बुझे हुए चूने के साथ 1000 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें। पहला छिड़काव 10 दिन बाद और दूसरा 20 दिन बाद किया जाना चाहिए। सफेदा रोग के नियंत्रण हेतु 4 किलोग्राम फेरस सल्फेट को 20 किलोग्राम यूरिया के घोल के साथ मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है। झोंका रोग की रोकथाम के लिए प्रति हेक्टेयर 500 ग्राम कार्बण्डाजिम 50 डब्ल्यूपी का छिड़काव प्रभावी होता है। भूरे धब्बे के रोग से बचने के लिए प्रति हेक्टेयर 2 किलोग्राम जिंक मैंगनीज कार्बामेट का छिड़काव करें। नर्सरी में लगने वाले तना छेदक कीट के लिए, खेत में हल्का पानी होने की स्थिति में क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 0.4 प्रतिशत दानेदार की 10 किलोग्राम मात्रा प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें।

रोग/कीट का नाम नियंत्रण के उपाय (प्रति हेक्टेयर दर) छिड़काव का समय / तरीका

खैरा रोग 5 किग्रा जिंक सल्फेट + 20 किग्रा यूरिया (या 2.5 किग्रा बुझा हुआ चूना) + 1000 लीटर पानी पहला छिड़काव: 10 दिन बाद

दूसरा छिड़काव: 20 दिन बाद

सफेदा रोग 4 किग्रा फेरस सल्फेट + 20 किग्रा यूरिया का घोल आवश्यकतानुसार नर्सरी में छिड़काव करें।

झोंका रोग (ब्लास्ट) 500 ग्राम कार्बण्डाजिम 50 डब्ल्यूपी पानी में मिलाकर प्रभावित क्षेत्र में छिड़काव करें।

भूरा धब्बा रोग 2 किग्रा जिंक मैंगनीज कार्बामेट पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।

तना छेदक कीट 10 किग्रा क्लोरेंट्रानिलिप्रोल (0.4% दानेदार) खेत में हल्का पानी होने की स्थिति में छिड़काव करें।

विशेष नोट: किसान भाई किसी भी दवा का प्रयोग करने से पहले मौसम साफ होने का ध्यान रखें और अनुशंसित मात्रा का ही प्रयोग करें। अधिक जानकारी या समस्या होने पर नजदीकी राजकीय कृषि रक्षा इकाई से संपर्क कर सकते हैं।

 

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