खून की कमी से हो सकती है गर्भवती महिला की मौत सरकारी तंत्र मौन क्यों
वाराणसी क्या है पूरा मामला प्रधानमंत्री की संसदीय क्षेत्र वाराणसी का है एक तरफ देश के प्रधानमंत्री मुखिया नरेंद्र मोदी बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ जैसी बातें करते हैं. बीते 28 तारीख को मानसी उपाध्याय कबीर चौरा हॉस्पिटल में भर्ती होती है और अस्पताल के चिकित्सा उन्हें खून की कमी बताते हैं, आनन फानन में परिजन भारत सरकार द्वारा रजिस्टर्ड ब्लड बैंक से ब्लड उपलब्ध कराते हैं लेकिन अस्पताल में बैठे चिकित्सक ने बाहर से लाए ब्लड से चढ़ाने से मना कर दिया , सूत्रों की माने तो कुछ चिह्नित लोग इस पूरे तंत्र को खराब कर रहे है.
एक महिला मरीज की डिलीवरी होनी है,अभी तक हॉस्पिटल में ब्लड तक नहीं चढ़ा पाए.
इसके बावजूद यहाँ के डॉक्टरों द्वारा
ब्लड चढ़ाने से मना किया जा रहा है।
यह अत्यंत गंभीर विषय है
मरीज की जान को खतरा हो सकता है
ऐसी स्थिति में सवाल उठता है:
यदि कोई अनहोनी होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी.
सवाल यह भी उठता है की क्या सभी सरकारी हॉस्पिटल के लोगों का इलाज सरकारी में ही होता है या ये सिर्फ मरीज को परेशान करने की साजिश है.





