चंपत राय और अनिल मिश्र का क्या होगा? ट्रस्ट की इन 2 लाॅवर में फ़ार्ची प्लाट
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की हलचल के बीच छह जुलाई को प्रस्तावित श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टों की बैठक में अलग-अलग मणि जा रही है। इसमें ही ट्रस्ट के सचिव चम्पतराय सदस्य व डा. अनिल कुमार मिश्र के भविष्य का निर्णय हो रहा है। कोई भी सदस्य दो तरह से ट्रस्ट की सदस्यता से मुक्त हो सकता है।
ट्रस्ट डीड में किसी भी सदस्य को ट्रस्ट से बाहर करने की दो सुविधाएं तय की गई हैं। सबसे पहले संबंधित सदस्य को पद से त्यागपत्र देने के लिए ट्रस्ट की बैठक में ही एक माह का नोटिस देना होगा। नोटिस की तारीख के बाद वह ट्रस्ट के अंतिम सदस्य से मुक्त हो जायेंगे। दूसरी स्थिति में ट्रस्ट के 15 सदस्यों में से दो अलग-अलग समूहों में से किसी भी ट्रस्ट के सदस्य को हमेशा के लिए समाप्त कर दिया जाता है।
इसके तहत बैठक में ट्रस्ट के विपरीत सदस्यों के बनाए गए कार्यों को लेकर एक प्रस्ताव लाना होगा, जिस पर दो अलग-अलग बहुमत की मुहर लगनी जरूरी है। प्रस्ताव पारित होने के बाद सदस्य को ट्रस्ट की सदस्यता से हाथ का सहारा दिया जाता है।
श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में केंद्र सरकार की ओर से आईएसओ लोकंडे प्रशांत राज्य सरकार के मुख्य सचिव एसए आई संजय कुमार और अयोध्या के तीर्थयात्री शशांक तीर्थ पदेन सदस्य हैं, जहां पास मतदान का अधिकार नहीं है। इस वजह से किसी भी सदस्य को हटाने के लिए दो अलग-अलग तत्वों यानी कम से कम आठ सदस्यों का एक होना जरूरी है। इस प्रकार का कोई भी प्रस्ताव पास भी हो सकता है।






