

चकिया में ऐतिहासिक पहल: पशु अधिकारों और वेगन जीवनशैली के लिए पहली बार निकाला गया जागरूकता मार्च
चकिया | 3 मई, 2026 पशु क्रूरता के खिलाफ और एक दयालु जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज चकिया की सड़कों पर एक नई चेतना देखने को मिली। Vegans of Varanasi और टीई (Thinkers Evolutions) फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में क्षेत्र का पहला ‘पशु अधिकार एवं Vegan जागरूकता मार्च’ सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
गांधी पार्क से गूँजी जागरूकता की आवाज
इस मार्च की शुरुआत नगर के गांधी पार्क से हुई। हाथों में तख्तियां लिए और पशु अधिकारों के समर्थन में नारे लगाते हुए प्रतिभागी विभिन्न मार्गों से गुजरे। इस दौरान स्थानीय नागरिकों को यह संदेश दिया गया कि पशु केवल संसाधन नहीं हैं, बल्कि वे भी सम्मानजनक जीवन के हकदार हैं।
मुख्य प्रतिभागियों की उपस्थिति
कार्यक्रम में दोनों संस्थाओं के प्रमुख सदस्यों ने अपनी सक्रिय भूमिका निभाई:
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- Vegans of Varanasi: कैलाश पांडेय, आशीष, उदिता दुबे, मुस्कान कथूरिया, आकाश गुप्ता एवं दीक्षा।
- टीई फाउंडेशन: अध्यक्ष करुणेश पाण्डेय।
- अतिथि: समाजसेवी देशराज जी एवं गोपाल जी की गरिमामय उपस्थिति रही।
”इस आयोजन का उद्देश्य समाज को यह बताना है कि हमारी थाली और हमारी जीवनशैली का चुनाव पर्यावरण और बेजुबान पशुओं पर सीधा असर डालता है। जिले में इस तरह का यह पहला प्रयास है।”
— आयोजक मंडल
प्रशासनिक अनुमति और सभा का आयोजन
टीई फाउंडेशन के अध्यक्ष करुणेश पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम प्रशासन से विधिवत अनुमति लेकर आयोजित किया गया था। मार्च के समापन पर एक जनसभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने तीन मुख्य बिंदुओं पर प्रकाश डाला:
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- पशु क्रूरता का अंत: डेयरी और मांस उद्योग में होने वाली हिंसा के प्रति संवेदनशीलता।
- पर्यावरण संरक्षण: वेगन जीवनशैली किस तरह ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में सहायक है।
- स्वास्थ्य लाभ: पौधों पर आधारित आहार के शारीरिक फायदे।
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बदलाव की ओर बढ़ते कदम
चकिया में पहली बार हुए इस तरह के आयोजन को भविष्य के बड़े बदलावों की नींव माना जा रहा है। आयोजकों का मानना है कि यह अभियान न केवल लोगों को जागरूक करेगा, बल्कि समाज में पशुओं के प्रति करुणा का भाव भी जागृत करेगा।
रिपोर्ट: तारकेश्वर पाण्डेय





