दीपावली से पहले मिलावटखोरों पर खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा एक्शन: DDU नगर में ‘विनायक स्वीट हाउस’ का लाइसेंस सस्पेंड, चहनियां में भी छापेमारी
चन्दौली (31 अक्टूबर): आगामी दीपावली पर्व के दृष्टिगत खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने और आमजन को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने जिले में शिकंजा कस दिया है। उच्चाधिकारियों और जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर जनपद के विभिन्न बाजारों में शनिवार को सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय) में भारी गंदगी मिलने पर ‘विनायक स्वीट हाउस’ का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया, वहीं चहनियां में भी प्रतिष्ठानों से नमूने भरे गए।
DDU नगर: विनायक स्वीट हाउस में गंदगी पर तत्काल एक्शन
पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर में राज्य सचल दल (अंतर्जनपदीय टीम) ने ताबड़तोड़ जांच की। कैलाशपुरी स्थित ‘विनायक स्वीट हाउस’ की निर्माण इकाई के निरीक्षण के दौरान भारी गंदगी और घोर अनियमितताएं पाई गईं। जांच टीम की संस्तुति पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सहायक आयुक्त (खाद्य द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह ने प्रतिष्ठान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। इसके अलावा क्षेत्र की अन्य दुकानों में कमियां पाए जाने पर दुकानदारों को सुधार नोटिस जारी किया गया।
चहनियां: आर्य स्वीट हाउस से बर्फी व चाट के नमूने सील
जनपदीय टीम ने मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमल निवास त्रिपाठी के नेतृत्व में चहनियां कस्बे में अचानक छापेमारी की। टीम ने कस्बे के प्रतिष्ठित ‘आर्य स्वीट हाउस’ पर जांच करते हुए बर्फी और चाट के नमूने एकत्र कर खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला को जांच के लिए भेजे। अधिकारियों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए संचालक को स्वच्छता के कड़े मानक अपनाने की सख्त हिदायत दी।
मिलावटखोरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति: सहायक आयुक्त
सहायक आयुक्त (खाद्य द्वितीय) धीरेंद्र प्रताप सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि त्योहारों पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। लैब रिपोर्ट आते ही मानकों के विपरीत सामग्री बेचने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आज के छापेमारी दल में मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा अधिकारी रणधीर सिंह यादव एवं अरविंद कुमार समेत विभागीय कर्मचारी शामिल रहे।




