लेहरा खास के प्राचीन मां काली मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
लेहरा खास के प्राचीन मां काली मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

लेहरा खास स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में नवरात्र के पांचवें दिन भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। मां काली के वरदानी स्थल पर भक्तों ने मुण्डन संस्कार कर माता का आशीर्वाद लिया।

नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर में सुबह से ही भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों की गूंज रही। भक्तों ने मां के चरणों में नारियल, चुनरी और प्रसाद अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना
मंदिर के पुजारी नन्द बाबा दर्शनिया ने बताया कि यह परंपरा हजारों वर्षों से चली आ रही है। मान्यता है कि जिन दंपतियों को मां काली के वरदान से पुत्र रत्न की प्राप्ति होती है, वे यहां आकर विशेष पूजा-अर्चना करते हैं और अपने पुत्र का मुण्डन करवाते हैं।

आज के आधुनिक युग में जब जीवनशैली और सोच बदल रही है, तब भी यह परंपरा हमें यह संदेश देती है कि आस्था कभी पुरानी नहीं होती। पीढ़ी दर पीढ़ी चला आ रहा यह अनुष्ठान समाज को अपनी जड़ों से जोड़े रखने का कार्य कर रहा है।
इसलिए आवश्यक है कि ऐसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए। स्वच्छता, सुविधा और सुरक्षा जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुदृढ़ हों, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इन परंपराओं को जीवंत देख सकें।
चन्दौली से ~ तारकेश्वर पाण्डेय की रिपोर्ट