आशीष मोदनवाल पत्रकार
वकीलों के बाद अब दागदार पत्रकारों की भी तलाश हुई शुरू
उत्तर प्रदेश – वकीलों के बाद अब दागदार पत्रकारों की भी तलाश शुरू की जा चुकी है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश के सहायक सूचना निदेशक की ओर से सभी जिला सूचना अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की गई है। तीन बिंदुओं की सूचना मांगी गई है। साल 2008 से 2025 के बीच में कितने मीडिया कर्मियों की मान्यता एक संस्थान से दूसरे संस्थान में स्थानांतरित की गई। मान्यता प्राप्त पत्रकारों पर 2009 से 2025 के बीच कितने मुकदमे दर्ज किए गए। 2016 से लेकर अब तक मुकदमे दर्ज होने की वजह से कितने पत्रकारों की मान्यता निरस्त की गई। राज्य सूचना विभाग की ओर से यह जानकारी हासिल करने का एकमात्र अर्थ यही है कि सरकार दागी पत्रकारों के खिलाफ भी एक्शन करने को तैयार हैं। यह बात बिल्कुल सही भी है कि ऐसे पत्रकारों के खिलाफ एक्शन होना चाहिए जिन पर गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हों।








