Friday, August 21, 2026
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वाराणसी: पशु तस्करों को संरक्षण दे रही है डायल 112? एक्सीडेंट के बाद पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

वाराणसी: पशु तस्करों को संरक्षण दे रही है डायल 112? एक्सीडेंट के बाद पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

चिरईगाँव वाराणसी। जिले के  रिंग रोड बभवनपुरा ग्राम के पास बीती रात करीब 9 से 10 बजे के बीच लकड़ी से लदी एक आईसर गाड़ी और पशुओं से लदी पिकअप के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। बभनपुरा 😁रिंग रोड इस घटना ने क्षेत्र में पुलिस की कार्यप्रणाली और पशु तस्करी को लेकर बड़े विवाद को जन्म दे दिया है।

साक्ष्य मिटाने का आरोप प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, पिकअप में 3 गाय और 3 बैल लदे हुए थे। आरोप है कि मौके पर पहुँची डायल 112 की टीम ने कानूनी कार्रवाई करने के बजाय दुर्घटनाग्रस्त गाड़ी को घटनास्थल से हटाकर करीब 500 मीटर दूर खड़ा कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यह साक्ष्यों को छिपाने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश है।

प्रधान का गंभीर आरोप: “पैसे लेकर तस्करों को छोड़ती है पुलिस” भवनपुरा के ग्राम प्रधान ने पुलिस पर सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। उनका कहना है कि डायल 112 अक्सर इस इलाके में खड़ी रहती है और कथित तौर पर पैसे लेकर पशु तस्करों को सुरक्षित रास्ता मुहैया कराती है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा कि घटना के 12 घंटे बीत जाने के बाद भी स्थानीय पुलिस मौके पर नहीं पहुँची, जबकि घटनास्थल से महज 500 मीटर की दूरी पर ही पुलिस चौकी स्थित है।

प्रशासनिक मौन पर सवाल इतनी बड़ी घटना और पशु क्रूरता का मामला सामने आने के बावजूद पुलिस का घंटों तक न पहुँचना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण अब इस मामले में उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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