Thursday, August 20, 2026

सिंचाई विभाग ने उड़ाई श्रम कानूनों की धज्जियां मजदूरी की दलदल में पिसता बचपन मानवता हुई शर्मसार

 


​विशेष रिपोर्ट: चंदौली में मानवता शर्मसार, किताबों की जगह बच्चों के हाथों में थमाए फावड़े
​चंदौली। जनपद में विकास कार्यों की आड़ में बचपन को रौंदा जा रहा है। ताजा मामला सिंचाई विभाग के अंतर्गत लतीफशाह बांध से निकलने वाली राइट कर्मनाशा नहर के गोविंदीपुर रजवाहा का है, जहाँ चल रहे निर्माण कार्य में ठेकेदारों की भारी मनमानी सामने आई है। यहाँ मासूम बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है, जो प्रशासनिक दावों और श्रम कानूनों की धज्जियां उड़ाने के लिए काफी है।
​मजदूरी के दलदल में पिसता बचपन
​सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, गोविंदीपुर रजवाहा में हो रहे कंस्ट्रक्शन कार्य में ठेकेदार द्वारा खुलेआम बाल श्रमिकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन हाथों में स्कूल की किताबें और कलम होनी चाहिए थी, उन नन्हे हाथों में ठेकेदारों ने फावड़े और तसले थमा दिए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार कम पैसों के लालच में बच्चों से कठिन परिश्रम करा रहे हैं और उन्हें उचित मजदूरी भी नहीं दी जा रही है।
​लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
​इस प्रकरण ने जनपद के श्रम विभाग और लेबर एनफोर्समेंट ऑफिसर (LEO) की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। जनता पूछ रही है:
​आखिर क्यों अधिकारी इन कंस्ट्रक्शन साइट्स का औचक निरीक्षण नहीं करते?
​क्या विभाग को इन क्षेत्रों में हो रहे बाल अपराध की भनक नहीं है?
​क्या रसूखदार ठेकेदारों के आगे प्रशासन नतमस्तक है?
​जिलाधिकारी के आदेश हवा-हवाई
​जनपद के जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर बाल श्रम उन्मूलन और निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बरतने के सख्त निर्देश दिए जाते हैं। लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। ठेकेदारों की ‘गुंडई’ और मनमानी इस कदर हावी है कि उन्हें न तो कानून का डर है और न ही जिला प्रशासन के आदेशों का सम्मान।
​सूत्रों का दावा: पूरे जनपद में फैला है जाल
​बताया जा रहा है कि यह केवल एक साइट की कहानी नहीं है। जनपद चंदौली में चल रहे तमाम छोटे-बड़े कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में बड़े पैमाने पर बच्चों से काम कराया जा रहा है। ठेकेदार अपने मुनाफे के चक्कर में बाल अपराध को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे इन बच्चों का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
​”यह सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन है। अगर समय रहते श्रम विभाग और जिला प्रशासन ने इन ठेकेदारों पर शिकंजा नहीं कसा, तो चंदौली में बाल श्रम की जड़ें और गहरी हो जाएंगी।”
​ब्यूरो रिपोर्ट।  पीयूष मिश्रा जिला संवाददाता चंदौली

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