80वें स्वतंत्रता दिवस पर मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को किया नमन

चंदौली। 15 अगस्त को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन की ओर से स्वतंत्रता दिवस एवं मानवाधिकार जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ध्वजारोहण के साथ हुआ। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे और राष्ट्रध्वज को नमन करते हुए देश की स्वतंत्रता एवं संविधान के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
ध्वजारोहण के उपरांत संगठन के पदाधिकारियों ने उपस्थित लोगों को मानवाधिकारों के महत्व, उनके संरक्षण तथा संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि प्रत्येक नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने, समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार प्राप्त है। इन अधिकारों के प्रति समाज के प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक होना आवश्यक है।
कार्यक्रम में संगठन के डॉ. परशुराम सिंह जी, राष्ट्रीय सचिव किसान संरक्षण, नई दिल्ली, श्री रवि प्रकाश सिंह जी, राष्ट्रीय संगठन सचिव, नई दिल्ली, श्री आयुष्य पाठक जी, प्रदेश संगठन सचिव, उत्तर प्रदेश, श्री मिथिलेश कुमार पाण्डेय जी, जिला अध्यक्ष, चंदौली, श्री प्रेम गिरी जी, जिला उपाध्यक्ष, चंदौली तथा श्री मनीष मिश्रा जी, ब्लॉक अध्यक्ष, शहाबगंज, चंदौली एवं अनुपम सिंह जिला प्रमुख पुलिस संरक्षण ने अपने विचार रखे और मानवाधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक किया।
वक्ताओं ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि भारत की स्वतंत्रता असंख्य वीरों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। आजादी की रक्षा करना और उसके मूल्यों को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर थिंकर्स इवोल्यूशंस फाउंडेशन के करुणेश पाण्डेय ने भी विशेष उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल विदेशी शासन से मुक्ति नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, समान अवसर, न्याय और अधिकार उपलब्ध कराना है। उन्होंने लोगों से अपने अधिकारों के साथ-साथ दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने तथा सामाजिक जागरूकता और समानता के लिए निरंतर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों को आत्मसात करने, मानवाधिकारों की रक्षा करने और समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। राष्ट्रभक्ति, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के संदेश के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।
*चन्दौली से~ तारकेश्वर पाण्डेय की रिपोर्ट*






