Friday, August 21, 2026
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मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्वाधान में”मुस्लिम समाज के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” की गोष्ठी का हुआ आयोजन ।

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के तत्वाधान में “मुस्लिम समाज के बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ” की गोष्ठी का हुआ आयोजन ।

किसी भी धर्म का अनादर ठीक नही-डॉ0 इंद्रेश कुमार

सोनभद्र(विनोद मिश्र)

आज राष्ट्रीय मुस्लिम आरएसएस द्वारा होटल डिजायर उरमौर रॉबर्ट्सगंज में मुस्लिम समाज के लोगो के साथ संगोष्ठी का आयोजन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ इंद्रेश कुमार अखिल भारतीय कार्यसमिति सदस्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (संरक्षक व मार्गदर्शक मुश्लिम राष्ट्रीय मंच) एवं विशिष्ठ अतिथि डॉ राजीव श्रीवास्तव (प्रवक्ता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष विशाल भारत संस्थान, , एवं विभाग प्रचारक प्रवेश कुमार आरएसएस , जिला प्रचारक दीपक कुमार रॉबर्ट्सगंज, सदर विधायक भूपेश चौबे

सह जिलाकार्यवाह पंकज , मनोज जालान एवं महेश कुमार नगर कार्यवाह, यादवेन्द्र दत्त द्विवेदी जिला अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा, डॉ गोपाल सिंह, दयाशंकर पाण्डेय, राजेश मिश्रा, नारसिंह पटेल, ई. प्रकाश पाण्डेय राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी संगठन, अभय कांत दुबे, धीरेंद्र जायसवाल, अनिल सिंह, मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी सलीम हुसैन जिला संयोजक राष्ट्रीय मुस्लिम मंच ने किया इस कार्यक्रम में डॉ इंद्रेश कुमार ने बताया कि किसी भी धर्म का निरादर नही करना, सभी धर्म का सम्मान करना चाहिए हम सभी भारतीय है हम सभी भाई भाई है। सभी भारत देश वासियों के डीएनए एक है। हम सभी भारतीय है। कुरान, बाइबल, गीता, सभी धर्म गर्न्थो में बताया गया है कि जन्मभूमि, मातृभूमि, राष्ट्रभूमि की रक्षा सबसे बड़ा धर्म है। ना पैसे से ना धर्म से बल्कि सच्चे किरदार से इंसान की पहचान होती है। अच्छा कर्म करने वाले को नेक आदमी कहते है और ख़राब कर्म करने वालो को शैतान कहा जाता है। आज पाकिस्तान के लोगो को धीरे धीरे लग रहा है कि हमारे साथ 1947 का बंटवारा गलत हुआ और हमारे साथ धोखा हुआ । भारत देश का बंटवारा हुआ किंतु बटवारा से पहले भारत देश मे सभी सनातनी थे। सनातन धर्म से ही सभी के पूर्वज रहे है। चाहे वो किसी भी धर्म का हो सभी के पूर्वज सनातनी ही रहे है। डॉ इंद्रेश ने बताया कि समलैंगिकता पूरी तरह से प्रकृति के खिलाफ है। अगर दो पुरुष या महिलाएं आपस मे समलैंगिक विवाह कर लेते है तो उनका रिश्ता किस प्रकार से परिवार व समाज को स्वीकार्य होगा। उच्चतम न्यायालय द्वारा समलैंगिकता के प्रकरण पर दखल देना प्रकृति के नियमो का उलंघन है। इंसानों की उत्पत्ति किसी मसीन ने नहीं किया बल्कि प्रकृति के द्वारा किया गया है। इसलिये प्रकृति के नियमो से खिलवाड़ करने का अधिकार किसी को नहीं ही जिससे समाज मे वैमनस्यता का प्रादुर्भाव उत्पन्न हो। मो0 अजहरुद्दीन क्षेत्रीय संयोजक पूर्वी उत्तर प्रदेश, मकसूद आलम क्षेत्रय सह संयोजक पूर्वी उत्तर प्रदेश, वकील अहमद खान जिला सह संयोजक, रमीज आलम (पसमांदा जिलाध्यक्ष), काशिम हुसैन पूर्व ब्लॉक प्रमुख बभनी सोनभद्र मो0 आरिफ खान, आरिफ खान, शरीफ अहमद, मुख्तार खान, इस्तियाक अली, सहीद खान, इमरान खान, डॉ इस्माईल, शाहेनूर आलम,ख्वाजा खान, इमरान बक्शी, मोइनुदीन, मोहम्मद कैफ,अनुज कुमार सिंह, अभय मालवीय,अभिषेक मिश्रा आदि काफी संख्या में मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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