वाराणसी: चौबेपुर थाना क्षेत्र के गंगा किनारे स्थित सरसौल और लूठाकला गांवों में एक बार फिर बालू मिश्रित मिट्टी के अवैध खनन का बड़ा मामला सामने आया है। ठंड बढ़ने के साथ ही सक्रिय हुए खनन माफियाओं ने रात के अंधेरे में बुलडोजर और ट्रैक्टर-ट्रालियों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया।
यह मामला तब प्रकाश में आया जब ‘up 18न्यूज़ ने 11 दिसंबर को अवैध खनन की खबर प्रकाशित की। खबर पर संज्ञान लेते हुए खनन विभाग हरकत में आया। बीते 13 दिसंबर को खान निरीक्षक अनुज कुमार ने दोनों गांवों की जांच की। जांच में 3915 घनमीटर बालू मिश्रित मिट्टी के अवैध खनन की पुष्टि हुई।
खान निरीक्षक अनुज कुमार ने इस संबंध में चौबेपुर थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ लिखित तहरीर दी है। तहरीर में बताया गया है कि सरसौल गांव में 3000 घनमीटर और लूठाकला में 915 घनमीटर बालू मिश्रित मिट्टी का अवैध खनन किया गया है।
थानाध्यक्ष चौबेपुर अजित वर्मा ने बताया कि खनन निरीक्षक द्वारा अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी गई है। हालांकि, तहरीर में यह स्पष्ट नहीं है कि खनन किस खेत में किया गया है। इस संबंध में पूरी जानकारी जुटाने के लिए पुलिस ने सोमवार को खनन निरीक्षक को थाने बुलाया था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। पुलिस विभाग से संपर्क कर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
गौरतलब है कि पूर्व में 13 मई को भी इसी क्षेत्र में अवैध खनन की सूचना पर पहुंचे खनन निरीक्षक के चालक पर ट्रैक्टर मालिक रामाश्रण यादव के इशारे पर चालक ने गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया था।
यह घटना दर्शाती है कि क्षेत्र में अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए विभाग की सख्ती के बावजूद खनन माफिया लगातार सक्रिय हैं।






