
चंदौली: चकिया पुलिस की बड़ी सफलता, ₹16 लाख की ‘गोल्ड ठगी’ करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के 7 सदस्य गिरफ्तार
चंदौली। उत्तर प्रदेश की चंदौली पुलिस ने एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 ठगों (पुरुष व महिला) को गिरफ्तार किया है। इन ठगों ने चकिया क्षेत्र के एक ज्वेलर्स से सोने के नाम पर ₹16 लाख की ठगी की थी। पुलिस ने इनके कब्जे से ठगी गई रकम में से ₹15.80 लाख नकद बरामद कर लिए हैं।
मदारी बनकर आए और लगा दिया चूना
मामला चकिया थाना क्षेत्र के ग्राम सभा बरहुवां का है।
यहाँ स्थित ‘शशि ज्वैलर्स’ के संचालक शशि प्रकाश वर्मा को इस गिरोह ने अपना निशाना बनाया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह एक घुमंतू गिरोह है जो स्वयं को ओडिशा की सोने की खदानों का पूर्व कर्मी बताकर लोगों को झांसे में लेता था। वर्तमान में यह लोग मदारी बनकर घूम रहे थे।
ठगी का तरीका बेहद शातिर था:
विश्वास जीतना:
पहले गिरोह ने असली सोने के छोटे दाने बेचकर दुकानदार का भरोसा जीता।
बड़ी डील का लालच: भरोसा होने पर आरोपियों ने पीड़ित को 100 ग्राम से अधिक सोना देने का लालच देकर ₹16 लाख ले लिए।
धोखाधड़ी:
जब पीड़ित ने पैसे देने के बाद पोटली खोली, तो उसमें सोने की जगह नकली चमकदार धातु के टुकड़े (गुरिया) मिले। वारदात के बाद आरोपी अपने परिवार और बच्चों सहित मौके से फरार हो गए थे।
12 घंटे के भीतर पुलिस का एक्शन
23 अप्रैल को घटना की तहरीर मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चकिया थाना प्रभारी अर्जुन सिंह के नेतृत्व में टीम गठित की गई। सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रविवार (26 अप्रैल) सुबह करीब 7:30 बजे बेलावर ग्राम के पास पहाड़ियों से घेराबंदी कर 7 अभियुक्तों को धर दबोचा।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी ओडिशा राज्य के रहने वाले हैं:
गोविन्द प्रधान (भदरक, ओडिशा)
विष्णु प्रधान (भदरक, ओडिशा)
दुखबन्धु पटरा (जजापुर, ओडिशा)
संतोषी प्रधान (जजापुर, ओडिशा)
कंचन प्रधान (भदरक, ओडिशा)
संतोषी प्रधान (जजापुर, ओडिशा)
बोधई प्रधान (जजापुर, ओडिशा)
बरामदगी और पुलिस टीम
पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹15,80,000 नकद बरामद किए हैं। इस सफल कार्रवाई में थानाध्यक्ष अर्जुन सिंह, सर्विलांस प्रभारी आशीष मिश्रा, उपनिरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय, हरेंद्र कुमार यादव और महिला उपनिरीक्षक खुशबू यादव समेत सर्विलांस सेल की टीम का विशेष योगदान रहा।
पुलिस अब इन अभियुक्तों के पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि अन्य वारदातों का भी खुलासा हो सके।






