
चंदौली (चकिया)। जनपद चंदौली के चकिया क्षेत्र से किसानों की परेशानी और खाद वितरण में धांधली की एक बड़ी खबर सामने आ रही है। चकिया में कृभको (KRIBHCO) प्रभारी निरीक्षक की मनमानी के चलते किसानों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक नियमों को ताक पर रखकर अपने “अजीबो-गरीब खेल” के जरिए सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही खाद का वितरण कर रहे हैं, जबकि आम किसान सुबह से ही लाइनों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने को मजबूर हैं।
चकिया में कृभको प्रभारी की मनमानी: चंद ‘खास’ लोगों को ही बंट रही खाद, घंटों इंतजार के बाद खाली हाथ लौटे अन्नदाता
चकिया (चंदौली)। जनपद के चकिया विकास खंड में इन दिनों किसानों को खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं। एक तरफ जहां सरकार किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी तरफ चकिया में तैनात कृभको (कृषक भारती को-ऑपरेटिव लिमिटेड) के प्रभारी निरीक्षक अपनी मनमानी और अजीबो-गरीब कार्यशैली से इन दावों की धज्जियां उड़ा रहे हैं।
चहेतों को खाद, आम किसानों को दुत्कार
चकिया केंद्र पर खाद वितरण में भारी अनियमितता का आरोप लगाते हुए स्थानीय किसानों ने बताया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा बेहद मनमाने ढंग से खाद का वितरण किया जा रहा है। सुबह से ही केंद्र पर लाइन लगाकर खड़े किसानों को दरकिनार करते हुए, केवल कुछ चिन्हित और चहेते लोगों को ही पिछले दरवाजे से खाद मुहैया कराई जा रही है।
समय की पाबंदी नहीं, घंटों इंतजार के बाद लौटे किसान
पीड़ित किसानों का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक को न तो शासन के नियमों का डर है और न ही समय की कोई परवाह है। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में दूर-दराज के गांवों से आए किसान घंटों लाइन में लगकर अधिकारी के आने और वितरण शुरू होने का इंतजार करते रहे। लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी जब उन्हें खाद नहीं मिली, तो मायूस होकर अन्नदाताओं को खाली हाथ अपने घर वापस लौटना पड़ा।
किसानों का दर्द: “हम सुबह भोर से ही काम-धंधा छोड़कर लाइन में लगे थे। लेकिन साहब अपनी मर्जी से आते हैं और अपने पहचान वालों को खाद देकर चलते बनते हैं। हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। अगर समय पर खाद नहीं मिली तो हमारी फसल बर्बाद हो जाएगी।”
प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग
खाद वितरण में चल रहे इस खेल को लेकर क्षेत्र के किसानों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि चकिया कृभको केंद्र पर चल रही इस धांधली की जांच कराई जाए और दोषी प्रभारी निरीक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र के वास्तविक किसानों को सुचारू और पारदर्शी तरीके से खाद मिल सके।
यह रिपोर्ट चकिया क्षेत्र से ग्राउंड इनपुट और परेशान किसानों के बयानों के आधार पर तैयार की गई है।






