आशीष मोदनवाल पत्रकार
*50 करोड़ की ज़मीन का महासंग्राम! FIR के बाद मीडिया के सामने आया भतीजा, ऑडियो क्लिप से केस में नया ट्विस्ट
*वाराणसी:* मोहनसराय स्थित करीब *50 करोड़ रुपये मूल्य की विवादित जमीन* का मामला अब नया और सनसनीखेज मोड़ ले चुका है। कोर्ट के आदेश पर भाजपा नेता समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अब सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के *भतीजे विवेक मिश्रा* और उनकी पत्नी *तान्या मिश्रा* मीडिया के सामने आए हैं। उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
*क्या है पूरा मामला?*
मोहनसराय निवासी प्रमिला मिश्रा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि बीमार सेवानिवृत्त शिक्षक ओमप्रकाश मिश्रा की लाचारी का फायदा उठाकर उनकी करोड़ों की संपत्ति का बैनामा और गिफ्ट डीड गलत तरीके से कराया गया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने भाजपा नेता सुरेश कुमार सिंह, नितेश राय उर्फ सोनू समेत 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की।
*भतीजे का पलटवार*
मीडिया से बातचीत में विवेक मिश्रा ने कहा कि रजिस्ट्री पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई थी और जमीन का पूरा भुगतान बैंक खाते में प्राप्त होने के बाद ही दस्तावेज निष्पादित किए गए। उन्होंने कहा कि उन्हें पैसों की जरूरत थी, इसलिए जमीन बेची गई। भाजपा नेता केवल परिचित होने के नाते खरीदार से संपर्क कराने में मददगार बने थे।
उन्होंने कहा, *”अगर हम गलत हैं तो हमारे खिलाफ कार्रवाई की जाए, लेकिन जो लोग रजिस्ट्री कराकर अब मुकर रहे हैं, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। जिन लोगों ने हमारे कठिन समय में मदद की, उन्हीं को इस मुकदमे में फंसाकर बदनाम किया जा रहा है।”*
*”परिवार की प्रताड़ना से परेशान थे शिक्षक”*
दूसरे पक्ष का दावा है कि ओमप्रकाश मिश्रा अपने परिवार के कुछ सदस्यों की उपेक्षा और मानसिक प्रताड़ना से आहत थे। उन्होंने अपनी इच्छा से, बिना किसी दबाव के, संपत्ति की रजिस्ट्री और गिफ्ट डीड कराई थी। उनका आरोप है कि अब इस पारिवारिक विवाद को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है।
*ऑडियो क्लिप से नया ट्विस्ट*
मामले में एक कथित ऑडियो क्लिप भी सामने आई है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसमें ओमप्रकाश मिश्रा अपने भतीजे विशाल मिश्रा से बातचीत के दौरान जमीन बेचने और कुछ संपत्तियां दान करने की इच्छा जता रहे हैं। हालांकि, *इस ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है,* इसलिए इसकी प्रमाणिकता जांच का विषय है।
*ACP रोहनिया ने क्या कहा?*
ACP रोहनिया *अवधेश विश्वकर्मा* ने बताया कि करीब *70 बिस्वा जमीन हड़पने के आरोप* में कोर्ट के आदेश पर उपनिबंधक, लिपिक सहित 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस सभी तथ्यों, दस्तावेजों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना कर रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
*जांच पर टिकी सबकी नजर*
फिलहाल मामला दो पक्षों के दावों और प्रतिदावों के बीच उलझा हुआ है। एक ओर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप हैं, तो दूसरी ओर कानूनी प्रक्रिया, बैंक भुगतान और कथित ऑडियो क्लिप जैसे दावे सामने आए हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल विवाद में पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।







