किसान के रूप में इंस्पेक्शन पर निकले चकिया तहसीलदार, मचा हड़कंप बिना भूमि के आधार कार्ड पर खाद देने वाली दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति
सुर्खियाँ बटोरने में कोई कसर नहीं छोड़ते तहसीलदार देवेंद्र; बाकी दुकानदार दुकानें बंद कर हुए फरार
चकिया (चंदौली)। तहसील क्षेत्र में खाद एवं बीज की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए चकिया तहसीलदार देवेंद्र सिंह ने एक अनोखी पहल की। अपनी प्रशासनिक पहचान छिपाकर वह आम किसान के रूप में खुद दुकानों का निरीक्षण करने निकल पड़े। तहसीलदार के इस औचक निरीक्षण से पूरे इलाके के खाद-बीज विक्रेताओं में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार अपनी दुकानें बंद कर मौके से फरार हो गए।
साधारण किसान बनकर पहुँचे दुकान
निरीक्षण के दौरान तहसीलदार देवेंद्र सिंह साधारण
वेशभूषा में सैदूपुर स्थित पी.पी. खाद भंडार पहुँचे। वहाँ की कार्यप्रणाली की पड़ताल करने पर गंभीर अनियमितता सामने आई। दुकान संचालक द्वारा एक भूमिहीन व्यक्ति को केवल आधार कार्ड के आधार पर खाद वितरित की जा रही थी, जो कि तय नियमों और गाइडलाइंस का स्पष्ट उल्लंघन है।
लाइसेंस निरस्त करने की रिपोर्ट DM को प्रेषित
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार ने मौके पर ही कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उक्त दुकान के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी (DM) चंदौली को भेज दी गई है।
अन्य दुकानदारों में मचा हड़कंप
जैसे ही तहसीलदार देवेंद्र के खुद किसान बनकर निरीक्षण करने की खबर इलाके में फैली, हड़कंप मच गया। कार्रवाई के डर से सैदूपुर व आसपास के अन्य खाद-बीज विक्रेता आनन-फानन में अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भाग निकले।
प्रशासन की इस अचानक हुई सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के कालाबाजारियों और अनियमितता बरतने वाले दुकानदारों में हड़कंप व्याप्त है, वहीं स्थानीय किसानों ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है।







