चंदौली के स्कूलों में अब बिना सूचना के होगी औचक छापेमारी, लापरवाह शिक्षकों पर गिरेगी गाज: सीडीओ
कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा और ऑपरेशन कायाकल्प के कार्यों पर विशेष जोर
डीबीटी, एमडीएम और छात्र उपस्थिति को लेकर सीडीओ ने दिए कड़े निर्देश
चंदौली। परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अब दूर-दराज के स्कूलों में अधिकारियों की विशेष टीमें बिना किसी पूर्व सूचना के औचक छापेमारी करेंगी। शिक्षण कार्य में लापरवाही बरतने और अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह सख्त निर्देश मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) आर जगत साई ने विकास भवन सभागार में आयोजित जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक में दिए।
जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग की योजनाओं, कायाकल्प अभियान और शैक्षणिक गुणवत्ता की बिंदुवार समीक्षा की गई। सीडीओ ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
छात्रावासों में सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं पर फोकस
सीडीओ ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) के छात्रावासों में छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने वहां पर्याप्त सुरक्षा गार्ड, प्रभावी निगरानी तंत्र और जरूरी सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित करने के आदेश दिए। इसके साथ ही ऑपरेशन कायाकल्प के तहत अधूरे निर्माण कार्यों की टेंडर प्रक्रिया तेजी से पूरी कर मानकों के अनुरूप निर्माण कराने के निर्देश दिए।
डीबीटी और एमडीएम की गुणवत्ता पर जोर
बैठक में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता सुधारने और डीबीटी (DBT) के जरिए मिलने वाली ड्रेस व छात्रवृत्ति की राशि का हस्तांतरण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। सीडीओ ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को नियमित फील्ड मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए कहा।
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) सचिन कुमार ने योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश की और दिए गए निर्देशों के समयबद्ध अनुपालन का भरोसा दिलाया। इस दौरान सभी खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), अपर जिला पंचायत राज अधिकारी और समिति के नामित सदस्य मौजूद रहे।





