वाराणसी में रामनगर की रामलीला का हाथी बेकाबू: महावत को पटककर किया गंभीर, 2 किमी क्षेत्र सील
वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध रामनगर की रामलीला परिसर में रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब लीला में शामिल होने आया एक हाथी अचानक बेकाबू हो गया। आक्रोशित हाथी ने न सिर्फ आसपास की दुकानों, दीवारों और बिजली के खंभों को क्षतिग्रस्त कर दिया, बल्कि उसे शांत कराने पहुंचे अपने ही महावत को सूंड से उठाकर पटक दिया और पैरों से कुचलने का प्रयास किया।
खाना देने के दौरान भड़का हाथी
घटना रामनगर के पंचवटी मैदान की है, जहां रविवार सुबह करीब 10:30 बजे महावत हाथियों को चारा देने पहुंचा था। तभी तीन हाथियों में से एक अचानक उग्र हो गया और मैदान से निकलकर सड़क पर दौड़ने लगा। रास्ते में जो भी आया, उसे सूंड से उठाकर फेंकने लगा।
हाथी को नियंत्रित करने के प्रयास में महावत गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल महावत की पहचान आजमगढ़ निवासी छपालू के रूप में हुई है, जो पिछले 13 वर्षों से काशी नरेश के हाथियों की देखरेख कर रहा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों व पुलिस की मदद से छपालू को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनके शरीर पर करीब 50 टांके आए हैं।
2 किमी क्षेत्र सील, बिजली आपूर्ति बंद
हाथी के उत्पात को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत मोर्चा संभाला:
- पंचवटी मैदान के आसपास के 2 किलोमीटर के दायरे को पूरी तरह सील कर बैरिकेडिंग कर दी गई है।
- किसी भी बड़े हादसे को रोकने के लिए रामनगर क्षेत्र की बिजली आपूर्ति काट दी गई है।
- वन विभाग, पुलिस और एनडीआरएफ की संयुक्त टीम के करीब 200 कर्मी हाथी को ट्रैंक्विलाइजर गन और अन्य उपायों से नियंत्रित करने में जुटे हैं।
इसी हाथी पर सवार होकर निकलते हैं काशी नरेश के पुत्र
पंचवटी मैदान में रविवार को राम-रावण युद्ध का प्रसंग मंचित होना है। यह स्थान जिला मुख्यालय से लगभग 17 किमी और काशी विश्वनाथ मंदिर से 10 किमी दूर स्थित है। परंपरा के अनुसार, काशी नरेश डॉ. अनंत नारायण सिंह के पुत्र इसी हाथी पर सवार होकर रामलीला की सवारी में शामिल होते हैं। लीला में भाग लेने वाले पात्र और सहयोगी भी इसी परिसर में ठहरते हैं। फिलहाल प्रशासन स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में लेने की कोशिश कर रहा है।





