
चिरईगांव, वाराणसी। उपजिलाधिकारी सदर के आदेश पर बुधवार को मुस्तफाबाद में चकरोड निर्माण के लिए जमीन की नापी करने पहुंची राजस्व विभाग की 6 सदस्यीय टीम को ग्रामीण महिलाओं के कड़े विरोध के चलते बिना पैमाइश के ही वापस लौटना पड़ा। टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार जाल्हूपुर कर रहे थे।
ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि पहले उनके पैतृक खाते की जमीन की नापी कर रास्ते की सरकारी भूमि का सीमांकन किया जाए। महिलाओं का आरोप है कि चकरोड की मांग करने वाले त्रिभुवन और भगवान यादव के लोग खुद बंजर भूमि पर घर बनाकर काबिज हैं और अब उनकी पैतृक जमीन से रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
इसी दौरान गांव के कुछ लोगों ने ग्राम प्रधान पारस पर रास्ता बनवाने के नाम पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। मौके पर मौजूद सभी महिलाओं ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए इसे झूठा बताया। महिलाओं ने कहा कि पारस प्रधान हमेशा सबका साथ देते हैं और आज तक किसी से एक रुपया नहीं लिया है। प्रधान ने भी प्रशासन और ग्रामीणों के सामने आरोप लगाने वाले व्यक्ति को झूठा साबित किया।
इस संबंध में नायब तहसीलदार जाल्हूपुर मीनी एल चन्द्रशेखर ने बताया कि मौके पर महिला फोर्स नहीं होने के कारण महिलाओं के विरोध पर पैमाइश नहीं हो पाई। पर्याप्त पुलिस बल की मांग की गई है। किसी के व्यक्तिगत खेत से रास्ता नहीं निकाला जाएगा।


