
उत्तर प्रदेश शूटिंग चैंपियनशिप: वाराणसी के जांबाजों ने साधा ‘गोल्ड’ पर निशाना, चंदौली के अंशुमान पाठक ने जीता ब्रॉन्ज
नई दिल्ली / वाराणसी:
नई दिल्ली के प्रतिष्ठित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित उत्तर प्रदेश शूटिंग चैंपियनशिप में वाराणसी और चंदौली के होनहार निशानेबाजों ने अपनी अचूक सटीकता का प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। वाराणसी टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे अंशुमान पाठक, नवीन मौर्या और सुजीत यादव की तिकड़ी ने शानदार तालमेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) पर कब्जा जमाया। वहीं, व्यक्तिगत स्पर्धा में भी अंशुमान पाठक ने कांस्य पदक (Bronze Medal) जीतकर क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
11,800 निशानेबाजों में बनाई जगह
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश शूटिंग चैंपियनशिप का भव्य आयोजन 21 जून से 30 जून तक नई दिल्ली में किया गया। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पूरे राज्य से सर्वश्रेष्ठ निशानेबाजों ने हिस्सा लिया। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस बड़े टूर्नामेंट के विभिन्न इवेंट्स के लिए कुल 11,800 निशानेबाज पंजीकृत थे, जिनमें से कड़ी छंटनी और कड़े मापदंडों के बाद लगभग 1,000 चुनिंदा खिलाड़ियों को मुख्य स्पर्धा में प्रतिभाग करने का अवसर प्राप्त हुआ। इतने बड़े मंच और तगड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच पूर्वांचल के इन खिलाड़ियों का दबदबा काबिल-ए-तारीफ रहा।
टीम स्पर्धा में वाराणसी का ऐतिहासिक प्रदर्शन
चैंपियनशिप की टीम स्पर्धा में वाराणसी की ओर से खेलते हुए अंशुमान पाठक, नवीन मौर्या और सुजीत यादव ने आरंभ से ही अपने प्रतिद्वंदियों पर मानसिक बढ़त बनाए रखी। तीनों निशानेबाजों की एकाग्रता और सटीक निशानों की बदौलत टीम ने शीर्ष स्थान हासिल कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पूर्वांचल में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है।
व्यक्तिगत स्पर्धा में चमके चंदौली के माटी के लाल अंशुमान
टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने के बाद, व्यक्तिगत श्रेणी में भी अंशुमान पाठक का शानदार फॉर्म जारी रहा। उन्होंने दबाव की परिस्थितियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन का लोहा मनवाते हुए कांस्य पदक (ब्रॉन्ज मेडल) पर अपना अधिकार जमाया।
अंशुमान पाठक मूल रूप से जनपद चंदौली के ग्राम सोता (थाना बबुरी) के रहने वाले हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के शूटिंग रेंज पर पदक जीतने की उनकी इस उपलब्धि से उनके पैतृक गांव सोता सहित पूरे चंदौली जनपद में हर्ष का माहौल है। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने इसे उनके कड़े परिश्रम और समर्पण का प्रतिफल बताया है।
10 दिनों तक चली इस मैराथन प्रतियोगिता के समापन पर खेल प्रेमियों और विभिन्न खेल संगठनों ने विजेता खिलाड़ियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।







