
चंदौली में ‘ब्लाइंड मर्डर केस’ का 36 घंटे में सनसनीखेज खुलासा; प्रधानी चुनाव की रंजिश और अवैध संबंध में पति को कुल्हाड़ी से काटा, हत्यारा गिरफ्तार
चंदौली (न्यूज़ पोर्टल डेस्क): उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले की चकिया पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए ग्राम जोगिया कला में हुए अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर केस) की गुत्थी को महज 36 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। पुलिस ने हत्या के शातिर आरोपी सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने अपने अवैध संबंधों के सार्वजनिक खुलासे और सामाजिक अपमान का बदला लेने के लिए इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई खून से सनी लोहे की कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली है।
इस त्वरित और बड़ी कामयाबी पर पुलिस अधीक्षक (SP) चंदौली ने पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है।
चारपाई पर सोते समय गर्दन पर किया था वार
घटना बीती 5/6 जून 2026 की मध्य रात्रि की है। थाना चकिया के चौकी शिकारगंज के अंतर्गत ग्राम जोगिया कला में रहने वाले 34 वर्षीय बेचई उर्फ बृजेश यादव (पुत्र स्वर्गीय रामचंद्र यादव) अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात हमलावर ने उनकी गर्दन पर धारदार हथियार से वार कर निर्मम हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
प्रधानी चुनाव की तैयारी और अवैध संबंध बने हत्या की वजह
पुलिस की गहन जांच और पूछताछ में जो सच सामने आया वह चौंकाने वाला था। मृतक बेचई की पत्नी का गांव के ही सुनील यादव उर्फ कवि से पिछले 4-5 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस बात को लेकर पति-पत्नी में अक्सर विवाद होता था। घटना से एक हफ्ते पहले भी दोनों में झगड़ा हुआ, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई।
इससे दुखी होकर मृतक बेचई ने गांव में सार्वजनिक रूप से सुनील के अवैध संबंधों का ढिंढोरा पीटना शुरू कर दिया। सुनील यादव, जो आगामी ग्राम प्रधानी चुनाव की तैयारी कर रहा था, इसे अपना बड़ा सामाजिक अपमान मानने लगा। उसने अपनी राजनीतिक और सामाजिक प्रतिष्ठा को बचाये रखने के लिए बेचई को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रच डाली।
अहरौरा से खरीदी कुल्हाड़ी, चिल्लाने पर मुंह में ठूंसा गमछा
साजिश के तहत आरोपी सुनील ने 5 जून को दोपहर में अहरौरा जाकर एक लोहार की दुकान से लोहे की नई कुल्हाड़ी खरीदी। रात में जब बेचई चारपाई पर गहरी नींद में सो रहा था, तब सुनील चुपके से वहां पहुंचा और कुल्हाड़ी से उसकी गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर दिया। बेचई चिल्ला न सके, इसलिए सुनील ने मृतक के ही गमछे का टुकड़ा उसके मुंह में ठूंस दिया। हत्या के बाद आरोपी ने कुल्हाड़ी को अपने खेत में गाड़ दिया और खुद वहीं जाकर सो गया ताकि किसी को शक न हो।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी: दिनांक 7 जून 2026 की शाम को चकिया पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर मोकरम बंधी के पास से घेराबंदी कर आरोपी सुनील यादव को दबोच लिया। कड़ाई से पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर खेत में गाड़ी गई कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई।
सफलता पाने वाली पुलिस टीम:
इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में इन पुलिस अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही:
अर्जुन सिंह (थानाध्यक्ष, चकिया)
अनिल कुमार पांडे (चौकी प्रभारी सैदूपुर)
अमित कुमार मिश्रा (चौकी प्रभारी शिकारगंज)
उपनिरीक्षक गोविंद सिंह, उपनिरीक्षक सुनील कुमार (चौकी प्रभारी कस्बा)
हेड कांस्टेबल अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल श्रीराम और कांस्टेबल राकेश कुमार यादव।





