Friday, August 21, 2026
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फाइलेरिया अभियान को मुंह चिढ़ाते पीड़ित परिवार।

फाइलेरिया अभियान को मुंह चिढ़ाते पीड़ित परिवार।
सोनभद्र(विनोद मिश्र)
शाहगंज कस्बे में विगत 12 वर्षों से फाइलेरिया खतरनाक बीमारी का शिकार दंपत्ति आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतर इलाज के लिए मोहताज है, सिर्फ फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के दौरान ही वर्ष में दो बार इन दंपतियों को दवा प्राप्त होती है
हालांकि शाहगंज की आशा गीता मिश्रा द्वारा अभियान के दौरान वर्ष में दो बार फाइलेरिया रोधी दवा डोर टू डोर वितरित की जाती है गीता मिश्रा ने सभी आम जनों से इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक होने के लिए आग्रह किया है और कहा है कि जब रात्रि के समय हम निद्रा अवस्था में होते हैं तब फाइलेरिया के कीटाणु शरीर तंत्र पर हमला करते हैं , आगे बताते हुए कहा कि इस बीमारी के उभरने तक लगभग 10 वर्ष तक का समय गुजरता है ऐसे में यह गंभीर बीमारी शरीर तंत्र के किसी भी हिस्से में अपनी जड़े जमा चुका होता है फाइलेरिया से पीड़ित संतोषा पत्नी रामधनी उम्र 65 वर्ष तथा रामधनी पुत्र अलगू उम्र 70 वर्ष आज भी हाथी पांव के नाम से विख्यात या गंभीर बीमारी के शिकार हो चुके हैं ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है क्या इस प्रकार के गंभीर मरीज को स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष में दो बार ही फाइलेरिया रोधी दवा ही प्राप्त होती है जबकि कुछ दूसरा इलाज आज तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन लोगों के लिए नहीं किया जा सका है हालांकि शाहगंज की आशा गीता मिश्रा ने सभी ग्रामीण जनों से आगामी 10 फरवरी से फाइलेरिया रोधी अभियान के दौरान मिलने वाली दवा का सेवन हर हाल में प्रत्येक व्यक्ति करें, सिर्फ गर्भवती महिलाओं को छोड़कर तथा जिनकी उम्र 2 वर्ष से कम है एवं गंभीर रूप से बीमारी वाली मरीजों में दवा का सेवन नहीं करना है

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