Friday, August 21, 2026

बाँध की भूमि पर अवैध कब्जा साबित, बेदखली का आदेश ₹21,760 क्षतिपूर्ति भी होगी वसूल

बाँध की भूमि पर अवैध कब्जा साबित, बेदखली का आदेश ₹21,760 क्षतिपूर्ति भी होगी वसूल

 

चकिया (चंदौली)। सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ राजस्व विभाग की कार्रवाई में तहसील चकिया के ग्राम विशुनपुरवा से एक महत्वपूर्ण मामला सामने आया है। राजस्व न्यायालय ने सरकारी बाँध की भूमि पर अवैध कब्जा साबित मानते हुए कब्जाधारी देवदत्त द्विवेदी पुत्र सतनारायण द्विवेदी को तत्काल बेदखल करने तथा ₹21,760 की क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश पारित किया है।

 

राजस्व अभिलेखों के अनुसार ग्राम विशुनपुरवा, परगना केरामगरौर स्थित आराजी संख्या 91 का कुल रकबा 0.1670 हेक्टेयर सरकारी बाँध के रूप में दर्ज है।

क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि इस भूमि के 0.0068 हेक्टेयर हिस्से पर देवदत्त द्विवेदी द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व पक्का मकान बनाकर अवैध कब्जा कर लिया गया था।

इसके आधार पर उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 67 के अंतर्गत वाद दर्ज कर नोटिस जारी किया गया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने निष्पक्ष जांच के लिए सीमांकन कराने का निर्देश दिया। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा प्रस्तुत फील्डबुक एवं सीमांकन रिपोर्ट में सरकारी बाँध की भूमि पर अतिक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद न्यायालय ने स्वयं भी मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट का सत्यापन किया और लेखपाल की रिपोर्ट को सही एवं विश्वसनीय माना।

 

न्यायालय ने यह भी माना कि प्रारंभिक रिपोर्ट में प्रस्तावित ₹2,17,600 की क्षतिपूर्ति उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता के प्रावधानों के अनुरूप नहीं थी। इसलिए कानून के अनुसार पुनर्गणना करते हुए क्षतिपूर्ति की राशि ₹21,760 निर्धारित की गई।

 

अपने अंतिम आदेश में न्यायालय ने संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी बाँध की भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा कब्जाधारी से ₹21,760 की क्षतिपूर्ति एवं निष्पादन शुल्क की वसूली सुनिश्चित करते हुए नियमानुसार कार्रवाई पूरी की जाए।

 

अम्बरीष नारायण द्विवेदी उर्फ सुनील दुबे पर कई आपराधिक मामले दर्ज

न्यायालय के आदेश से अलग उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार, देवदत्त द्विवेदी के पुत्र अम्बरीष नारायण द्विवेदी उर्फ सुनील दुबे के विरुद्ध विभिन्न थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।

 

1. मु0अ0सं0-45/2017

धारा 323, 504, 506 भारतीय दण्ड संहिता (IPC) एवं धारा 3(1)(द), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989।

 

2. मु0अ0सं0-06/2020

धारा 323, 504, 506 भारतीय दण्ड संहिता (IPC)।

 

3. एनसीआर-11/2020

धारा 504 भारतीय दण्ड संहिता (IPC)।

 

4. मु0अ0सं0-53/2021

धारा 323, 504, 506 भारतीय दण्ड संहिता (IPC)।

 

5. मु0अ0सं0-62/2024

धारा 323, 504, 506 भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023।

 

6. मु0अ0सं0-68/2025

धारा 308(6), 351(2), 316(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023।

 

7. मु0अ0सं0-149/2026 (थाना भेलूपुर, वाराणसी)

धारा 352, 115(2), 191(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023।

 

8. मु0अ0सं0-55/2017 (बिहार राज्य)

शराब  से संबंधित प्रकरण (संबंधित अधिनियम की धाराएं उपलब्ध अभिलेख के अनुसार अंकित की जा सकती हैं)।

 

इसके अतिरिक्त, थाना इलिया पुलिस द्वारा अम्बरीष नारायण द्विवेदी उर्फ सुनील दुबे के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम, 1970 के अंतर्गत भी पूर्व में कार्रवाई की जा चुकी है।

 

सूत्रों की माने तो देवदत्त द्विवेदी अपने अपराधी पुत्र सुनील दुबे के दम पर गांव क्षेत्र में दबदबा बनाकर जमीन हथियाना और सरकारी जमीन पर कब्जा करने का काम करते आ रहे हैं

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