प्रेस विज्ञप्ति
मज़दूर दिवस की पूर्व संध्या पर ग्रामीण श्रमिकों की हुंकार
: रोजगार योजना को अधिकार आधारित बनाने की उठी मांग
मुड़ादेव, काशी विद्यापीठ ब्लॉक | 30 अप्रैल 2026
अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस की पूर्व संध्या पर काशी विद्यापीठ ब्लॉक के मुड़ादेव ग्राम पंचायत की पटेल बस्ती में महिला मनरेगा संगठन एवं सृजन सेवा ट्रस्ट, लठियां-बच्छाव, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में क्लस्टर बैठक आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्रतिभागियों के परिचय और प्रेरणा गीत से की गई ।
बैठक में मज़दूर दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर चर्चा करते हुए बताया गया कि श्रमिक अधिकार लंबे संघर्षों का परिणाम हैं। इसी संघर्ष की देन मनरेगा जैसे कानून हैं, जिन्होंने ग्रामीण मजदूरों को रोजगार, समय पर भुगतान और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार दिया।
नई ग्रामीण रोजगार योजना में 125 दिन कार्य प्रावधान का स्वागत करते हुए प्रतिभागियों ने कहा कि इसे केवल योजना नहीं, बल्कि अधिकार-आधारित सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के रूप में लागू किया जाए।
बैठक के दौरान भारत सरकार एवं संबंधित विभागों को संबोधित मांग-पत्र जारी किया गया, जिसमें रोजगार की कानूनी गारंटी, मांग-आधारित बजट, मजदूरी वृद्धि, समयबद्ध भुगतान, पंचायतों की भूमिका, सामाजिक अंकेक्षण तथा महिलाओं एवं वंचित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई।
कार्यक्रम में टिकरी सरायडगरी,कुरुहुवा,तारापुर, मुंडादेव से दर्जनों महिला,मजदूरों जिसमें मुख्य रूप से सरिता,मुन्ना लाल,लक्ष्मीना,ऊषा,, संदीप एव सृजन सेवा ट्रस्ट से प्रियंका, बिंदु कुमारी,नेहा, राजेश सिंह की भागीदारी रही । कार्यक्रम के अंत में विभिन्न ग्राम पंचायत से आई महिला,मजदूरों ने संकल्प लिया कि वे अपने अधिकारों की रक्षा और रोजगार गारंटी को मजबूत बनाने के लिए संगठित प्रयास जारी रखेंगे। और अपने मांग पत्र को डाक से भारत सरकार पंचायती राज मंत्रालय को भेजने पर सहमति बनी।





