“मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” सराहनीय कदम – सनत कुमार सिंह
वाराणसी। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ वाराणसी के वरिष्ठ शिक्षक नेता सनत कुमार सिंह ने बताया कि पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर (टीईटी) शिक्षक पात्रता परीक्षा, हेतु थोपी गई अनिवार्यता से शिक्षक व उनके परिवारीजन काफी आहत है। बता दे की सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। यह नियम उन शिक्षकों पर लागू होता है जिनकी सेवानिवृत्ति (पेंशन) में 5 वर्ष से अधिक का समय बचा है। वहीं वरिष्ठ शिक्षक नेता ने वर्षों से शिक्षक समाज आकस्मिक/गम्भीर बीमारी की स्थिति में कैशलेश चिकित्सा सुविधा से वंचित रहा है। हालांकि ऐसे दौर में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों व उनके आश्रित परिवारीजनों के लिए प्रारम्भ की गई “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” शिक्षक समाज के हित में लिया गया एक संवेदनशील एवं दूरदर्शी निर्णय,जो सराहनीय है। यह योजना शिक्षकों एवं कर्मचारियों के सम्मान, सुरक्षा के प्रति राज्य सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता परिलक्षित करता है। जिला संयोजक कैलाश नाथ यादव व हम सब पदाधिकारी गण व समस्त शिक्षक मा0 मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त किया है। इस महत्त्वपूर्ण एवं जनकल्याणकारी योजना लागू होने से शिक्षक समुदाय में विश्वास, सुरक्षा एवं संतोष की भावना और अधिक जगी है।सनत कुमार सिंह ने कहा कि हम सब उत्तर प्रदेश सरकार से आशा ही नहीं बल्कि पूरी उम्मीद करते हैं कि,टीईटीलागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की थोपी गई अनिवार्यता को समाप्त किए जाने हेतु सरकार द्वारा समुचित पहल किया जाएगा।





