शंखचुड़ेश्वर महादेव काल सर्प दोष से मुक्ति दिलाते हैं
दारानगर मैदागिन स्थित महामृत्युंजय मंदिर के पास है इनका मंदिर
शंखचुडेश्वरश्चैष शन्खचूडप्रतिष्ठितः ।
यस्य सन्दर्शनात्पुन्सां न भयं कालसर्पजम्।।
(#काशीखण्डोक्त)
वाराणसी,17अगस्त। शंखचुड़ेश्वर महादेव का दर्शन पूजन करने से लोगों को कालसर्प का भी भय नही रह जाने पाता।(जो लोग काल काल सर्प दोष से ग्रसित है उनको यहां दर्शन पूजन से विशेष लाभ मिलेगा)। पुराणों में ऐसा वर्णन है कि शंखचूड़ नामक नागराज के द्वारा इस शिवलिंग की स्थापना की गयी है इसीलिए इनका नाम शंखचुड़ेश्वर पड़ा है , काशी खण्ड मे इसी स्थान पर शंखचूड़ नामक वापी का भी उल्लेख है जिसका अब पता नही लगता। प्राचीन ग्रंथो मे पाताल मे रहने वाले अति क्रोधी नागों मे शंखचूड़ का भी नाम आया है।
इस मंदिर को चंद्रचूडेश्वर नाम से जाना जाने लगा है, पर सही एवं काशी खंडोक्त नाम शंखचुड़ेश्वर ही है। (साभार उमाशंकर गुप्ता)- रामयश मिश्र






