उत्तर प्रदेश शिक्षक MLC चुनाव में एक बड़ा विवाद सामने आया है। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से सहायक प्रोफेसर और प्रत्याशी डॉक्टर अवधेश सिंह ने वोटर लिस्ट में भारी गड़बड़ी का गंभीर आरोप लगाया है।
डॉक्टर अवधेश सिंह का आरोप है कि प्रदेश सरकार में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का नाम शिक्षक मतदाता सूची में शामिल है, जबकि वह शिक्षक नहीं हैं और संवैधानिक पद पर मंत्री हैं। ऐसे में उनका नाम शिक्षक कोटे की वोटर लिस्ट में होना पूरी चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

प्रत्याशी प्रत्याशी डॉक्टर अवधेश सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि शिक्षक MLC चुनाव सिर्फ और सिर्फ शिक्षकों के लिए होता है। मतदाता सूची में केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का ही नाम होना चाहिए। एक तरफ सरकार शिक्षकों के हितों की बात करती है, दूसरी तरफ मंत्री का नाम शिक्षक वोटर लिस्ट में जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह शिक्षक लोकतंत्र के साथ धोखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि कई ऐसे गैर-शिक्षकों के नाम भी वोटर लिस्ट में जोड़े गए हैं जो शिक्षक पात्रता ही नहीं रखते। इससे असली शिक्षक मतदाताओं के अधिकारों का हनन हो रहा है उन्होंने इस मामले में चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि पूरी शिक्षक मतदाता सूची की गहन जांच हो फर्जी और गैर-शिक्षक मतदाताओं के नाम तत्काल निरस्त किए जाएं मंत्री हंसराज विश्वकर्मा का नाम किस आधार पर जोड़ा गया, इसकी जांच कर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई हो उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस गड़बड़ी को ठीक नहीं किया गया तो वह हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे और शिक्षक संगठनों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेंगे।
इस पूरे मामले को लेकर शिक्षक संगठनों में भी आक्रोश है। शिक्षकों का कहना है कि अगर शिक्षक के चुनाव में ही शिक्षकों के साथ अन्याय होगा तो उनके हितों की रक्षा कौन करेगा।
फिलहाल इस मामले में मंत्री हंसराज विश्वकर्मा या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।






