तुलसी का पौधा ओजोन परत की करता है रक्षा – प्रोफेसर विश्वभर नाथ मिश्रा
पूर्वजों की स्मृति में पौधारोपण एवं पौधा वितरण अभियान का हुआ सुभारम्भ
वाराणसी 27 सितंबरl हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पितृपछ मेँ पूर्वजों की स्मृति में जागृति फाउंडेशन के तत्वाधान में पूर्वजों की स्मृति में पौधा वितरण एवं पौधा रोपण का अभियान का सुभारम्भ पितृपक्ष के प्रतिपदा तिथि दिन रविवार को तुलसी घाट से हुआ l अभियान का शुभारंभ प्रातः 9:00 बजे मुख्य अतिथि अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के महंत प्रोफेसर विश्वभर नाथ मिश्र, समारोह के विशिष्ट अतिथि काशी विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग के पूर्व विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर एन के दुबे, समाजसेवी नागेश सिंह, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सेंट्रल लाइब्रेरी के वरिष्ठ अधिकारी रामा पांडे, वास्तु वृछम पुस्तक के लेखक डॉ अनिल उपाध्याय, भागवत संस्कृत महाविद्यालय, असि के आचार्य पंडित वरुणेश दीक्षित व जागृति फाउंडेशन के महासचिव रामयश मिश्र ने संयुक्त रूप से पौधा वितरण करके कियाl गंगा तट पर तर्पण करने आए लोगों, गंगा स्नान करने आये स्नानार्थियों एवं वेद पाठी वटुको में तुलसी, बेला, पीपल, केला, शमी, गेदा आदि पौधों का वितरण किया गया l इस अवसर पर प्रोफेसर विशंभर नाथ मिश्रा ने कहा कि आज जरूरत है काशी को फिर से आनंद कानन वन बनाने की क्योंकि अगर काशी हरा भरा नहीं रहा तो इसकी पहचान भी खत्म हो जाएगीl श्री मिश्र ने कहा की तुलसी ओजोन परत की रक्षा करने में सबसे सहायक होता है l मनुष्य के जीवन में भी बहुत लाभदायक है l साथ ही भगवान विष्णु को यह सबसे प्रिय भी हैl प्रोफेसर एन के दुबे ने कहा कि आज हमारा पर्यावरण दूषित होता जा रहा हमें इसे बचाना होगाl पर्यावरण तभी बचेगा जब हम अपने आसपास पेड़ पौधा लगा लगाएंगेl कार्यक्रम के संयोजक रामयश मिश्र ने कहा कि पितृ पक्ष में पूर्वजों की स्मृति में पौधा रोपण एवं पौधा वितरण करने का मुख्य उद्देश्य है यह है कि कम से कम लोग अपने पितरों के स्मृति मेँ एक पौधा लगाकर पर्यावरण को हरा भर करने में अपना योगदान देंl समारोह को वरुणेश चंद्र दीक्षित, राघवेंद्र पांडे, रामा पांडे, समाजसेवी नागेश सिंह डॉ अनिल उपाध्याय ने भी संबोधित करते हुए काशी वासियों से पौधा लगाने की अपील कीl स्वामीनारायणनंद तीर्थ वेद विद्यालय के वेद पाठी वटुको ने वेद मंत्र का पाठ कर पर्यावरण को बचाने की अपील कीl अध्यक्षता ख्यातिलब्ध ज्योतिषाचार्य पंडित शिवपूजन शास्त्री ने किया l कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन रामयश मिश्रा ने किया तथा धन्यवाद धीरज कुमार मिश्रा ने किया l





