Wednesday, November 4, 2026

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर क्विज़ एवं डिबेट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित

राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर क्विज़ एवं डिबेट प्रतियोगिताओं के विजेताओं को किया गया सम्मानित

 

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया| इस अवसर पर क्विज़ प्रतियोगिता तथा डिबेट प्रतियोगिता के पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित भी किया गया।

राष्ट्रीय एकता दिवस प्रत्येक वर्ष 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है और यह दिवस राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा एकजुटता के आदर्शों को पुनः प्रतिबद्ध करने का अवसर है।

 

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में आनंद गुप्ता ने प्रथम स्थान, अथर्व सिंह ने द्वितीय स्थान एवं आदर्श सांकृत्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया |

 

वाद विवाद प्रतियोगिता में अंजलि सिंह को प्रथम स्थान , कनिष्का तोमर को द्वितीय स्थान एवं पुलकित गौतम को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ|

 

कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को अतिथियों ने प्रतिभागिता प्रमाणपत्र भी प्रदान किया |

 

इस अवसर पर पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र , डॉ. प्रशांत राय , भाष्करादित्य त्रिपाठी , कृति मिश्र ने अपने विचार व्यक्त किए।

 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश मिश्र ने कहा, “सरदार वल्लभभाई पटेल ने विविधता में एकता को राष्ट्र-निर्माण का आधार बनाया। आज की युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष, संयम और राष्ट्रप्रेम से प्रेरणा लेकर सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करना चाहिए।प्रोफेसर मिश्र ने कहा कि जो देश अपनी एकता अखंडता को अक्षुण रखता है वह दुनिया के मानचित्र पर अमिट रहता है, प्रोफेसर मिश्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सभ्यता का अध्ययन हर युवा पीढ़ी को करना चाहिए.

 

डॉ. प्रशांत राय ने कहा, “एकता केवल भौगोलिक अखंडता नहीं, बल्कि विचारों, संस्कृतियों और नागरिक कर्तव्यों का साझा संकल्प है। सरदार पटेल की दूरदर्शिता हमें यह सिखाती है कि राष्ट्र की शक्ति उसकी एकजुटता में निहित है।”

 

भाष्करादित्य त्रिपाठी ने कहा, “सरदार पटेल ने सैकड़ों रियासतों को एक सूत्र में बांधकर आधुनिक भारत की राजनीतिक एकता की नींव रखी। उनके योगदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब हम सभी नागरिक संवाद, आपसी सद्भाव और संविधान के मूल्यों को जीवन में उतारें।”

 

कृति मिश्र ने कहा, “क्विज़ और डिबेट जैसे मंच छात्रों को केवल ज्ञान और अभिव्यक्ति का अवसर नहीं देते, बल्कि उनमें संवाद, सहिष्णुता और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं। यही भावना राष्ट्रीय एकता की नींव है।”

 

कार्यक्रम का संचालन यशवर्धन तोमर ने किया।

escort bayan sakarya escort bayan eskişehir