आशीष मोदनवाल की रिपोर्ट

राजातालाब, वाराणसी। आगामी श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को लेकर वाराणसी जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रत्येक वर्ष की तरह इस बार भी प्रयागराज से वाराणसी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-19 (एनएच-19) का एक हिस्सा कांवड़ियों के आवागमन के लिए आरक्षित रहेगा। यात्रा के दौरान इस मार्ग पर अन्य वाहनों का संचालन डायवर्जन के माध्यम से कराया जाएगा, ताकि शिवभक्तों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा मिल सके।
तैयारियों की समीक्षा करने के लिए शनिवार दोपहर 1 बजे जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने वाराणसी-भदोही सीमा स्थित गुड़िया बॉर्डर से लेकर विभिन्न कट प्वाइंट, डायवर्जन स्थलों और कांवड़ मार्ग का संयुक्त निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया। पुलिस कमिश्नर ने सभी प्रमुख कट प्वाइंटों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी, बैरिकेडिंग को मजबूत रखने, डायवर्जन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा निर्धारित रूट प्लान का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए।
साथ ही दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने हर ठहराव स्थल पर पेयजल सहित मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था शीघ्र पूर्ण करने को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर मिर्जामुराद के बंगला चट्टी स्थित प्राचीन शिव मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान शिव के दर्शन-पूजन कर जनपद की सुख-समृद्धि की कामना की। यह मंदिर कांवड़ यात्रा का प्रमुख विश्राम स्थल है, जहां श्रावण मास के दौरान हजारों कांवड़िये रुककर विश्राम करते हैं। इसी कारण इस स्थान की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर पुलिस-प्रशासन की विशेष नजर बनी हुई है।
मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने मंदिर के पास स्थित तालाब के सुंदरीकरण, बेहतर साफ-सफाई, घाट निर्माण तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धर्मशाला निर्माण की संभावनाओं पर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्थानीय निवासी संतोष कुमार त्रिपाठी ‘पप्पू’ ने जिलाधिकारी से तालाब के सुंदरीकरण, गौशाला और धर्मशाला निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि जनहित के इन कार्यों के लिए आवश्यकता पड़ने पर वह अपनी निजी भूमि भी उपलब्ध कराने को तैयार हैं। जिलाधिकारी ने उनके प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
बंगला चट्टी से दोनों अधिकारी राजातालाब पहुंचे, जहां उन्होंने कांवड़ मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद वे रोहनिया के लिए रवाना हुए और वहां भी कांवड़ यात्रा को लेकर किए जा रहे इंतजामों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।





