शिक्षक खंड में बंपर वोटिंग, स्नातक खंड में उदासीनता : चिरईगांव में दो तस्वीरों वाला मतदान

चिरईगांव। वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए शुक्रवार को चिरईगांव ब्लॉक मुख्यालय पर हुए मतदान में दो बिल्कुल अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। एक ओर शिक्षक मतदाताओं में अपने प्रतिनिधि को चुनने को लेकर गजब का जोश दिखा, तो दूसरी ओर स्नातक मतदाता बूथों से दूर ही रहे।
आंकड़े भी इस अंतर की गवाही दे रहे हैं। शिक्षक खंड के एकमात्र बूथ पर कुल 259 में से 211 शिक्षकों ने वोट डाला, यानी 81.47 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके उलट स्नातक खंड के चार बूथों पर कुल 4430 मतदाताओं में से मात्र 1508 ही बूथ तक पहुंचे, जिससे मतदान प्रतिशत 34.04 पर ही सिमट गया।
सुबह 8 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 4 बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में मतदान के बाद सभी मतपेटियों को सील कर पहड़िया मंडी स्थित स्ट्रांग रूम के लिए रवाना कर दिया गया।
दिनभर चर्चाओं में रहा मतदान केंद्र
मतदान के दौरान कई रोचक चर्चाएं भी होती रहीं। बर्थराखुर्द निवासी स्नातक मतदाता संजय यादव को लेकर दिनभर असमंजस की स्थिति बनी रही। पहले उनके मतदान कर लेने की चर्चा थी, बाद में स्पष्ट हुआ कि उन्होंने देर से आकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सबसे बड़ी राजनीतिक चर्चा कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर को लेकर रही। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10.30 बजे मंत्री भाजपा के पोलिंग बूथ पर पहुंचे, लेकिन वाराणसी और चंदौली दोनों जगहों की मतदाता सूची में उनका नाम नहीं मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा इसकी जानकारी दिए जाने के बाद दिनभर अन्य दलों के कार्यकर्ताओं के बीच इस मुद्दे पर चटखारे लेकर राजनीतिक टिप्पणियां होती रहीं।





