दहेज प्रताड़ना व अप्राकृतिक दुष्कर्म में पति की जमानत अर्जी ख़ारिज, जमानत अर्जी का विरोध अधिवक्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी ने किया
वाराणसी। फास्टट्रैक कोर्ट (द्वितीय) आराधना कुशवाहा की अदालत ने दहेज में दस लाख रुपये की मांग को लेकर विवाहिता को प्रताड़ित करने व उसके साथ अप्राकृतिक रूप से दुष्कर्म करने के मामले में आरोपित पति को अभी राहत नहीं दी है। अदालत ने भीकमपुर (चिरैयाकोट), मऊ निवासी पति मो. तारिक उर्फ शालू की जमानत अर्जी सुनवाई के बाद ख़ारिज कर दी। अदालत में अभियोजन की ओर से एडीजीसी मनोज गुप्ता व वादिनी के अधिवक्ता तनवीर अहमद सिद्दीकी ने जमानत अर्जी का विरोध किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादिनी ने आदमपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसकी शादी भीकमपुर (चिरैयाकोट), मऊ निवासी पति मो. तारिक उर्फ शालू के साथ 29 मार्च 2018 को हुई थी। शादी के बाद से ही पति मो. तारिक उर्फ शालू, ससुर मसउद्दीन मालिक, सास फहमीदा व ननद रूकैया उर्फ सोनी दहेज में दस लाख रुपये की मांग को लेकर मारने-पीटने व प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान उसका पति उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म भी करता था। इस दौरान पंचायत के बाद वह उसे मायके से विदा करके जून 2018 में अपने घर ले गया, लेकिन इसके बाद पुनः 19 अप्रैल 2019 को मारपीटकर उसे मायके पहुंचा दिया। इस दौरान जब रिश्तेदारों ने उसे समझाया तो आवेश में आकर उसने वादिनी को तीन तलाक दे दिया। इस मामले में पति 23 फरवरी 2021 को कोर्ट में समर्पण कर जेल चला गया था।
क्लाउन टाइम्स “ब्रेकिंग न्यूज़” वाराणसी