काशी का कण कण अपने शिवत्व की ओर
सनातन संस्कृति आस्था से खिलवाड़ बन्द होने का समय अब आ गया है सभी धर्मावलंबी चाहे वह किसी धर्म के हो सबको सनातन धर्म की समवाहिका भागीरथी गंगा और काशी के अस्तित्व नकारने का समय अब खत्म हो गया।बाबा विश्वनाथ का काशी धाम में भव्य मंदिर मणिकर्णिका महा शमशान से अब अपनी भव्यता रमणीयता काशी के धरोहर को स्वीकार कर चुका है अब केवल आक्रांताओं के बर्बरता पूर्वक किए गए मंदिर विध्वंस को काशी की मुस्लिम आवाम को स्वीकारने का समय आ गया है यदि मुस्लिम समाज विध्वंस किए गए मंदिरों को अपनी सहमति से दावा छोड़ देता है तो काशी के सामाजिक समरसता में उथल-पुथल होने से राहत मिल सकती है यदि पुरातत्व की दृष्टि से मंदिर का प्रमाण सिद्ध हो जाता है तो मस्जिद होने का दावा खत्म हो जाएगा और न्यायपालिका मंदिर परिसर श्रृंगार गौरी बाबा विश्वनाथ के मूल मंदिर विग्रह पर सनातन धर्मीयों को अधिकार दे देगा जो विधि न्याय सम्मत है ।भारत की स्वतंत्रता के बाद सनातन धर्म को जो क्षति पहुंचाई गई वह सभी सनातनी अब समझ चुके हैं राष्ट्रीय समस्या राष्ट्रीय विवाद ना हो धार्मिक सामंजस्य बना रहे उसके लिए सभी धर्म स्थलों को जो तोड़कर विध्वंस कर मंदिर से मस्जिद बनाए गए उन्हें मुस्लिम वक्फ बोर्ड मुस्लिम समाज को सनातन धर्म को स्वयं वापस कर देना चाहिए और निर्विवाद होकर अपनी पूजा पद्धति के लिए इबादत स्थान की मांग सरकार से रखनी चाहिए सभी को अपनी धार्मिक आजादी और स्वतंत्रता का हक है और जब किसी का हक अधिकार अवांछित तरीके से कोई भी अधिकृत करता है तो विद्रोह हो ना सामान्य आज 75 वर्षों में भारत की स्वतंत्रता के बाद भी मुस्लिम समाज ने अपने धर्माधिकारियों को किए गए गुनाहों अत्याचारों को स्वीकार करके सनातन धर्म पर किए गए बर्बर हमलों अत्याचारों अमानवीय व्यवहारो पर विचार करने को कौन कहे अभी अपने धृष्टता से नहीं बच पा रहे अब समय और सत्ता दोनों केंद्र और राज्य में सनातनीयों के हाथ में है ऐसी स्थिति में मंदिर मस्जिद का विवाद लंबे समय तक नहीं चल पाएगा उसका समाधान सुनिश्चित है और राजनीतिक इच्छाशक्ति भी प्रबल है ऐसी स्थिति में मुस्लिम समाज को विद्रोह और धृष्टता से बचकर सामाजिक समरसता राष्ट्रीय एकता अखंडता को ध्यान में रखकर धार्मिक विवाद खत्म करके सनातन के जो भी स्थान भारत के अंदर क्षतिग्रस्त किए गए उनको वापस करके सभी धर्मों का आदर करने का मिशाल प्रस्तुत करना चाहिए अपना दावा अनावश्यक प्रस्तुत करके राष्ट्रीय समस्या नहीं पैदा करनी चाहिए वह चाहे काशी हो मथुरा हो उसे सनातन धर्म के ऐतिहासिक स्थलों से दावा खत्म कर एक मिसाल प्रस्तुत करनी चाहिए जिससे आगे मंदिर मस्जिद विवाद राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं विश्व स्तर पर भी खत्म हो भारत हिमालय से लेकर कन्याकुमारी तक फैला भूभाग देव निर्मित है जिसे हिंदू स्थान कहते हैं स्कंद पुराण के रुद्रयामल पर्व में लिखा गया है
धर्मनिरपेक्षता राष्ट्र तभी सम्भव।
हिमालयात् समारभ्त ।
यावत इंदु सरोवरम् ।
तम देव निर्मित देशम्
हिंदूस्थानम प्रचक्ष्ते।।
पँ ओमप्रकाश पाण्डेय
“निर्भय”
राष्ट्रीय अध्यक्ष,
भारतीय सामाजिक न्याय मोर्चा