*कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर में सामने आया बड़ा खाद्यान्न घोटाला*
#बच्चों का निवाला,शिक्षकों ने डाका डाला#
#खाद्यान्न आपस मे बंटवारे को लेकर शिक्षकों में होती थी तु-तु,मैं-मैं#
बीजपुर/सोनभद्र। विकासखंड म्योरपुर के न्याय पंचायत जरहां स्थित कम्पोजिट विद्यालय बीजपुर में रविवार की सुबह विद्यालय के एक कमरे में गुप्त रूप से प्लास्टिक से ढककर छिपाकर रखे गए करीब 32 किवंटल खाद्यान्न ग्रामप्रधान व ग्रामीणों द्वारा मीडियाकर्मियों के साथ छापा मारकर पकड़े जाने से हड़कंप मच गया।विद्यालय की ग्रीष्मकालीन छुट्टियां हो जाने के बाद इतनी ज्यादा मात्रा में खाद्यान्न मिलने से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया।
जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह अभिभावकों को भनक लगी कि करोना काल मे आए बच्चों को बांटने वाला खाद्यान विद्यालय प्रांगण में एक कमरे में रखा हुआ है ग्रामीण ग्राम प्रधान को साथ लेकर विद्यालय प्रांगण में पहुंच कर उक्त कमरे को खोलने को कहने लगे लेकिन कमरे का ताला नही खोला गया प्रधान द्वारा मौके पर प्रभारी प्रधानाधियापिका आशा रानी और मीडियाकर्मियों को बुला लिया गया।प्रभारी के आने के बाद कमरे को खोला गया तो उसमें करीब 62 बोरा खाद्यान्न देख सभी भौचक रह गए पूछने पर विद्यालय प्रभारी आशा रानी ने बताया कि उक्त खाद्यान्न फरवरी माह में बच्चों को बांटने के लिए लाया गया था लेकिन तब से आज तक बच्चे विद्यालय नही आये और खाद्यान्न बंट नही पाया इसीलिए खाद्यान बचा हुआ है उधर ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय में रखा खाद्यान्न बच्चों को नही दिया गया बल्कि उक्त खाद्यान का घोटाला किया जाना था जबकि बच्चों को खाद्यान सस्ते गल्ले की दुकान से मिलना था तो विद्यालय प्रभारी खाद्यान्न को स्कूल में क्यो उठा कर लायी। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उक्त खाद्यान के बंटवारे को लेकर विद्यालय के अध्यापक आपस मे झगड़ा कर रहे थे। अभिभावकों ने मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तो उच्चाधिकारियों के आदेश पर तहसीलदार दुद्धी ज्ञानेंद्र यादव भी जांच के लिए विद्यालय पहुंच गए।तहसीलदार ने मामले की गहराई से जांच कर दो कोटेदारों सहित प्रभारी प्रधानाध्यापिका का लिखित बयान दर्ज कर अग्रिम कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारियों को जांच रिपोर्ट तैयार की।तहसीलदार ज्ञानेंद्र यादव ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की गयी है जिसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। उधर इस मामले में बीएसए हरिबंश कुमार ने बताया कि विद्यालय में इतनी भारी मात्रा में खाद्यान्न रखने का मामला संगीन है जिसकी जांच चल रही है जो दोषी पाए जायेगे उनको कतई बख्शा नही जाएगा।अभिभावकों ने 2020-21 और 21-22 में विद्यालय में बच्चों के लिए ड्रेस,जूता,मोजा और कन्वर्जन कास्ट की धनराशि जो बच्चों के खाते में भेजी जानी थी वह भी बहुत से बच्चों के खाते में नहीं भेजा गया जिस में भी लाखों रुपये के घोटाले की बात कही और उच्चाधिकारियों से उसकी भी जांच करने की मांग की।