शरद चंद्रिकोत्सव की रजत जयंती पर शास्त्रीय संगीत समारोह का हुआ भव्य आयोजन
– संगीतकारों ने गायन, वादन, नृत्य के माध्यम से श्रोताओं को किया मंत्रमुग्ध।
– आयोजन समिति के संस्थापक को किया गया सम्मानित।
– शिव की आरती एवं खीर के वितरण से कार्यक्रम का हुआ समापन।
सोनभद्र। अश्वनी मांह शरद पूर्णिमा के अवसर पर शक्ति संगीत कला परिषद शक्तिनगर सोनभद्र के तत्वाधान में शरद चंद्रिकोत्सव कार्यक्रम की रजत जयंती पर शक्तेवर महादेव मंदिर परिसर में रविवार की देर रात भव्य शास्त्रीय संगीत समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भोला सिंह (सह प्रबंधक नार्दन कोलफील्ड्स सिंगरौली) व अध्यक्ष वसुराज गोस्वामी (मुख्य महाप्रबंधक) एनटीपीसी सिंगरौली, द्वारा दीप प्रज्वलन से किया गया।
वही समारोह का प्रारम्भ गौतम कॉले इंदौर, मध्य प्रदेश के शास्त्रीय संगीत के से हुआ। इनके साथ तबला पर इंदौर के अंशुल प्रताप सिंह ने व पर हारमोनियम वाराणसी के पंडित धर्मनाथ मिश्र ने संगत किया।
सितार जुगलबंदी वाराणसी संगीत घराने की पदमश्री पंडित शिवनाथ मिश्र एवं देवव्रत मिश्र, (वादन संगत) कृष्णा मिश्रा (सितार) वाराणसी, प्रशांत मिश्र (तबला) वाराणसी द्वारा कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति कोलकाता से आई सुलगना बनर्जी के कथक नृत्य से हुआ। इसमें दीनानाथ मिश्र (तबला वादक) नीरज मिश्रा (सितार) गायन-पंडित धर्मनाथ मिश्रा संगत किया।
वही एक ओर चंद्रमा आसमान से अमृत की वर्षा कर रहा था और संगीतकार अपने गायन वादन नर्तन के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर रहे थे।
इस अवसर पर आयोजन समिति के अशोक कुमार दुबे, आलोक त्रिपाठी, सत्यनारायण बंसल, अजीत तिवारी, चंद्रशेखर जोशी एस० के० सिंह, विदुषी परिहार ने मंच पर उपस्थित कलाकारों को बुके, अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह प्रदान कर उन्हें सम्मानित किया।
आयोजन समिति के संस्थापक सत्य नारायण पांडे (दाढ़ी बाबा) को रामायण कल्चर मैपिंग योजना के डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर एवं संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के नामित सदस्य दीपक कुमार केसरवानी ने पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम का समापन आरती एवं खीर वितरण के साथ हुआ।
Up18news se Chandra Mohan Shukla ki report