सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ भाकपा कार्यकर्ताओं ने काले झंडे के साथ मनाया काला दिवस।
सोनभद्र,बुधवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय पटवध पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा के नेतृत्व में अखिल भारतीय किसान समन्वयक समिति व पार्टी के राष्ट्रीय आवाहन पर किसानों, मजदूरों की मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाते हुए हाथों में काली पट्टी और काले झंडे लहराते हुए सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए काला दिवस मनाया।
जहां कम्युनिस्ट पार्टी के नेताओं ने केंद्र सरकार द्वारा तीनों काले कृषि बिल कानून वापस लेने, साठ साल से अधिक उम्र के किसानों को दस हजार रुपए मासिक पेंशन, किसानों के उत्पादों पर एमएसपी कानून की गारंटी तय हो, सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण बंद हो, पेट्रोलियम पदार्थों व खाद्य पदार्थों के लगातार बढ़ते दामों पर रोक लगाई जाए ,श्रम कानून में सुधार के नाम पर मजदूरों का शोषण बंद किया जाए और कोविड के संक्रमण से मृत हुए लोगों के परिजनों को कम से कम पांच-पांच लाख रुपए मुआवजा और सरकारी नौकरी दिलाया जाए और लाक डाउन के दौरान आमजन के लिए सभी प्रकार के बिजली के बिल माफ किए जाए आदि मांगों के समर्थन की बात दोहराई और सभी मांगों पर सरकार से तत्काल सकारात्मक कार्यवाही करने की बात कही।
पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा देश के किसानों का चल रहा आंदोलन आज पूरे छः माह हो गया और इस आंदोलन में सैकड़ों किसानों ने अपनी शहादत दे दी, इसके वावजूद भी केंद्र की मोदी सरकार अपने हिटलरशाही रवैए से बाज़ नहीं आ रही, मोदी सरकार को चेताने के लिए देश में फैली हुई कोविड-19 जैसी महामारी के बिच आज पूरे देश के कोने-कोने में किसानों, मजदूरों ने काले झंडे के साथ सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ काला दिवस मनाते हुए सरकार को नोटिस दिया जा रहा है कि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई तो देश का किसान, मजदूर और नौजवान आंदोलन को और तेज करेंगे। पार्टी जिला सचिव कामरेड आर के शर्मा ने इस मौके पर बताया कि जनपद के सभी ब्लाकों में कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ आम नागरिक ने भी सरकार की नीतियों के खिलाफ काली पट्टी और काले झंडे के साथ काला दिवस को सफल बनाने का काम किया जिसका आने वाले दिनों में दुरगामी परिणाम दिखेगा।
पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय पर इस कार्यक्रम में मौके पर प्रमुख रूप से कामरेड अमरनाथ सूर्य, दिनेश्वर वर्मा,कमला प्रसाद, श्रीमती राजकुमारी,अरविन्द सोनी,अनिल तिवारी, सुभाष भारती,लल्लन सोनकर, मोहम्मद अनीस,ब्रह्मा साहनी, राकेश चौधरी,मोहम्मद आरिफ, वंशराज सोनकर व छोटे लाल साहनी आदि मौजूद रहे।